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मझोले आईटी शेयरों में रहेगी तेजी

राम प्रसाद साहू |  Apr 29, 2018 10:06 PM IST

पिछले एक महीने में मझोले सूचना-प्रौद्योगिकी शेयरों (मिड-कैप) में 20 से 40 प्रतिशत तेजी आई है, जिस वजह से ये आकर्षण का केंद्र रहे हैं। इनमें ज्यादातर शेयरों में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान विभिन्न सकारात्मक कारणों से तेजी दर्ज हुई है। माइंडट्री और जेनसर टेक्रोलॉजी सर्विसेस में 35 प्रतिशत से अधिक तेजी आई है, वहीं एम्फैसिस, एनआईआईटी टेक और एलऐंडटी सॉफ्टवेयर दोनों में 19 प्रतिशत से अधिक बढ़त दर्ज हुई।  इस अवधि के दौरान वृहद बाजारों में 5 प्रतिशत से अधिक तेजी आई। मार्च तिमाही में शानदार प्रदर्शन और भविष्य में प्राप्त होने वाले सौदे तेजी के तात्कालिक कारण रहे। माइंडट्री के प्रदर्शन पर विचार करें तो कंपनी ने पिछली 10 तिमाहियों में सर्वश्रेष्ठï प्रदर्शन किया है। एक साल पहले की तिमाही में इसके राजस्व में 15.6 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है, वहीं मार्जिन 370 अंक मजबूत हुआ है। हालांकि इन आंकड़ों के बावजूद विश्लेषकों का कहना है कि कर्मचारियों की उपयोगिता दर कमजोर रहने और आईटी क्षेत्र के औसत के मुकाबले अधिक संख्या में वरिष्ठï कर्मचारियों के मद्देनजर मुनाफे के मोर्चे पर अब भी सुधार होना शेष है। परसिस्टेंट सिस्टम्स और सायंट के प्रबंधन ने वित्त वर्ष 2019 के लिए संभावनाएं मजबूत रहने के अनुमान व्यक्त किए हैं और वे आईटी क्षेत्र के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद कर रहे हैं।  

 
मांग में सुधार आईटी क्षेत्र के लिए एक अहम बात रही है। यह बात उनके लिए लगी सौदों की कतारों, डिजिटल खंड के राजस्व की अधिक हिस्सेदारी और अनुबंध के आकार में पूरी तरह झलकती है। तकनीकी शोध एवं सलाहकार कंपनियों का मानना है कि पुराने सौदे के नवीकरण और नए सौदों की बदौलत कुल आंकड़ा अगले एक साल में 30 अरब डॉलर पार कर जाएगा। फिलिप कैपिटल के विभोर सिंघल और श्यामल धु्रव का मानना है कि प्रबंधन की टिप्पणी काफी उत्साह भरी रही है और पिछले चार सालों में सौदे मिलने की दर भी खासी मजबूत रही है। उनका मानना है कि मझोले शेयरों ने हालात बदल दिए हैं और वित्त वर्ष 2019 में उनके राजस्व में दो अंकों में तेजी आनी चाहिए। एचडीएफसी सिक्योरिटीज के विश्लेषकों का मानना है कि मझोली कंपनियों में शीर्ष 10 के योगदान से वृद्धि में तेजी आई है। इस ब्रोकरेज कंपनी के अनुसार नए सौदे मिलने और सौदे अर्जित करने की दर अधिक रहने से उनके परिणाम में यह परिलक्षित हो रहा है। 
 
विश्लेषकों का कहना है कि छोटी आईटी कंपनियों द्वारा डिजिटल खंड की ओर तेजी से बढऩे  और कम राजस्व आधार से उन्हें बड़ी आईटी कंपनियों के मुकाबले अधिक तेजी दिखाने में मदद मिलेगी। वास्तव में मझोली कंपनियों के लिए डिजिटल सेवाओं की हिस्सेदारी 35 से 45 प्रतिशत है, जबकि इनके मुकाबले बड़ी आईटी कंपनियों के लिए यह आंकड़ा 25 प्रतिशत के बीच बैठता है। विश्लेषकों का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2020 तक मझोली कंपनियों के लिए डिजिटल राजस्व 50 प्रतिशत का आंकड़ा पार का जाएगा। इससे उन्हें मोटे तौर पर अपने क्षेत्र के मुकाबले अधिक तेजी से आगे बढऩे में मदद मिलेगी। इसकी वजह यह है कि डिजिटल राजस्व सालाना आधार पर 30 प्रतिशत दर से बढ़ रहा है। 
 
मझोले आईटी शेयरों की मांग की एक वजह यह है कि उनकी नए विशेष क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक उपस्थिति है। इससे उन्हें डिजिटल खंड में विस्तार करने में परेशानी पेश नहीं आ रही है। एलऐंडटी टेक्रोलॉजिज सर्विसेस और सायंट ऐसे ही उदाहरण हैं। इन कंपनियों की इंजीनियरिंग शोध और विकास खंड में उपस्थिति है, जिससे उन्हें मजबूत प्रदर्शन करने में मदद मिली है। आईटी क्षेत्र की सभी कंपनियों के लिए एक समस्या रुपये और डॉलर की विनिमय दर रही है। कैलेंडर वर्ष 2017 में रुपया स्थिर रहा था, लेकिन इस साल अब तक खासकर पिछले दो हफ्तों में इसमें अधिक गिरावट आई है। हाल में रुपये में 3 प्रतिशत गिरावट से ज्यादातर कंपनियों की प्रति शेयर आय के अनुमान में 5 प्रतिशत तक का बदलाव हो सकता है। हालांकि इससे लगभग सभी आईटी कंपनियों को लाभ होगा, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि मझोली कंपनियो में माइंडट्री को सबसे अधिक फायदा होगा। विदेश में कारोबार अधिक होने से मुद्रा में आने वाले उतार-चढ़ाव के प्रति यह खासी संवेदनशील है। एनआईआईटी और परसिस्टेंट सिस्टम भी फायदे में रहेंगी। 
 
प्राइस-टू-अर्निंग (पी/ई) की पुन: रेटिंग साथ ही पिछले कुछ हफ्तों में कीमतों में तेजी से मझोले शेयरों का कारोबार इस समय उनके पांच साल के औसत पी/ई से 30 प्रतिशत अधिक स्तर पर कारोबार कर रहे हैं। एलऐंडटी टेक्रोलॉजी सविसेस और माइंडट्री शेयरों में बड़ी तेजी के मद्देनजर इनमें निवेश के लिए गिरावट का इंतजार करना चाहिए। हालांकि सायंट और परसिस्टेंट सिस्टम्स का मूल्यांकन तार्किक है, इसलिए इन पर निवेश के लिए विचार किया जा सकता है। 
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