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सीमेंट कंपनियों ने दी लागत वृद्घि को मात

उज्ज्वल जौहरी |  May 06, 2018 09:51 PM IST

लागत में तेजी और प्राप्तियों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं होने के बावजूद प्रमुख सीमेंट कंपनियों एसीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और श्री सीमेंट का प्रदर्शन मार्च तिमाही में शानदार रहा है। हालांकि पेटकोक की कीमतों में तेजी ईंधन और परिवहन लागत बढ़ा रही है, लेकि न बिक्री के मजबूत आंकड़े और प्राप्तियों के मोर्चे पर उम्मीद से बढिय़ा प्रदर्शन से कंपनियों को बढ़ी राहत मिली। आने वाले समय में बढ़ते खर्च का असर कम करने में प्राप्तियों में तेजी की अहम भूमिका होगी। विश्लेषकों का कहना है कि ढांचागत स्तर पर सुधार और आवास की मजबूत मांग से संभवत: बिक्री बढ़ेगी और प्राप्तियों में सुधार आएगा। कई विश्लेषक सीमेंट कंपनियों में तेजी को लेकर सकारात्मक हैं।

 
बेहतर परिणाम 
 
श्री सीमेंट का एबिटा 6.9 अरब रुपये रहा, जो विश्लेषकों के 6.15 अरब रुपये के अनुमान से अधिक है। सीमेंट कारोबार में प्रति टन एबिटा 958 रुपये रहा। यह आंकड़ा एक साल पहले की अवधि के 908 रुपये के मुकाबले अधिक रहा, लेकिन लागत अधिक रहने से यह दिसंबर 2017 तिमाही के 1,080 रुपये से कम ठहरा। सीमेंट के लिए परिचालन खर्च प्रति टन सालाना आधार पर 8 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 5 प्रतिशत तेजी के साथ 3,200 रुपये रहा। पेटकोक की बढ़ती कीमतों से ईंधन कीमत में तेजी आई। डीजल कीमतों में तेजी और कई राज्यों में क्षमता से अधिक माल ढोने पर पाबंदी से परिवहन खर्च बढ़ गया, जिससे तिमाही आधार पर प्रदर्शन प्रभावित हुआ। सालाना और तिमाही आधार पर परिवहन खर्च में क्रमश: 16.5 प्रतिशत और 29 प्रतिशत तेजी आई। बिक्री के शानदार आंकड़े और प्राप्तियों से बढ़ती लागत से उबरने में आसानी हुई। सीमेंट की बिक्री सालाना आधार पर 8.7 प्रतिशत बढ़कर  64.4 लाख टन हो गई। औसत प्राप्ति सालाना आधार पर 10 प्रतिशत तेजी के साथ 4,158 करोड़ रुपये रही। इसमें तिमाही आधार पर 0.6 प्रतिशत तेजी आई। विश्लेषकों ने तिमाही आधार पर प्राप्ति सपाट रहने या इसमें गिरावट का अंदेशा जताया था। इस तरह, शुद्ध मुनाफा एक साल में 31 प्रतिशत और पिछली तिमाही के मुकाबले 20 प्रतिशत बढ़कर 4 अरब रुपये रहा। यह आंकड़ा 3.3 अरब रुपये के सामान्य अनुमान से अधिक रहा।
 
अल्ट्राटेक और एसीसी की कहानी भी लगभग ऐसी ही है। कुछ दिनों पहले अल्ट्राटेक ने घरेलू बिक्री में सालाना आधार पर 32 प्रतिशत तेजी के साथ 1.76 करोड़ टन बिक्री दर्ज की थी। इसी तरह, मार्च तिमाही के लिए प्रति टन एबिटा 857 रुपये रहा, जो एक साल पहले सालाना आधार पर और तिमाही आधार पर क्रमश: 841 रुपये और 726 रुपये था। बढ़ते खर्च के बावजूद कंपनी का एबिटा करीब 18.1 अरब रुपये रहा, जो विश्लेषकों के 14.8 अरब रुपये अनुमान से काफी अधिक रहा। एक साल में एसीसी की बिक्री में 7.7 प्रतिशत तेजी दिखी और औसत प्राप्ति में 5.6 प्रतिशत तेजी आई। इसका प्रति टन मुनाफा मार्च 2017 की तिमाही के 497 रुपये से बढ़कर 573 रुपये रहा।
 
क्षमताएं
 
देश की सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी अल्ट्राटेक लगातार क्षमता विस्तार कर रही है। इसने एक साल से कम अवधि में मध्य प्रदेश में 25 लाख टन सालाना क्षमता वाला क्लिंकर संयंत्र शुरू किया है। इससे कंपनी की कुल क्षमता बढ़कर 9.65 करोड़ टन हो गई है। अधिग्रहीत जेपी परिसंपत्तियों का इस्तेमाल चौथी तिमाही में 75 प्रतिशत रहा और वित्त वर्ष के अंत में औसतन यह 80 प्रतिशत रहा। इसमें और सुधार से आंकड़ों में तेजी दिखेगी। देश के पूर्वी हिस्से में एसीसी की नई क्षमताएं बिक्री बढ़ा रही हैं, जबकि मांग अच्छी और प्राप्ति मजबूत रहने से मुनाफे को दम मिल रहा है। श्री सीमेंट के लिए राजस्थान (36 लाख टन) और बिहार (20 लाख टन) में ग्राइंडिंग संयंत्रों की शुरुआत से इसकी कुल सालाना क्षमता बढ़कर 3.49 करोड़ टन हो जाएगी। 
 
सकारात्मक है बाजार
 
ऐंटीक स्टॉक ब्रोकिंग के विश्लेषकों का कहना है कि स्थापित क्षमता के बाद श्री सीमेंट के परिचालन मुनाफे की संभावना मजबूत दिख रही है। मजबूत बहीखाते और रिटर्न प्रोफाइल के मद्देनजर इसमें बिक्री बढऩे की क्षमता है। देश के पूर्वी और उत्तरी बाजारों में मांग की स्थिति अच्छी रहने और नई क्षमताओं और प्राप्ति में स्पष्टï सुधार से विश्लेषक कंपनी को लेकर सकारात्मक हैं। इलारा कैपिटल के विश्लेषकों का कहना है कि जेपी समूह की अधिग्रहीत परिसंपत्तियों के दमखम के साथ सबसे बड़ी कंपनी होने के कारण अल्ट्राटेक सीमेंट उद्योग के मुकाबले अधिक तेजी से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।
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