नीरव मोदी की कंपनी को उसे वापस बुलाने का आदेश

भाषा | नई दिल्ली Apr 11, 2018 05:09 PM IST

दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज हीरा कारोबारी नीरव मोदी की कंपनी फायरस्टार डायमंड से मोदी को वापस बुलाने को कहा। अदालत ने नीरव मोदी को भगोड़ा करार दिया। न्यायमूर्ति एस मुरलीधर और न्यायमूर्ति आईएस मेहता की पीठ ने यह आदेश पारित किया। इससे पहले कंपनी के वकील ने कहा कि उसे इस तकनीकी आधार पर राहत से वंचित नहीं किया जाना चाहिए कि फायरस्टार इंटरनैशनल ने अपनी अनुषंगी फायरस्टार डायमंड को याचिकाएं दायर करने को अधिकृत किया है। पीठ ने फायरस्टार डायमंड और फायरस्टार इंटरनैशनल के अधिवक्ता विजय अग्रवाल से कहा, यदि हम तकनीकी पहलू पर जोर नहीं देते हैं, तो मोदी को वापस आने को कहा जाए।

नीरव मोदी के भारतीय एजेंसियों या अदालतों के समक्ष नहीं आने के बयान पर गंभीर चिंता जताते हुए पीठ ने कहा, प्रवर्तन निदेशालय के अनुसार हम एक भगोड़े से निपट रहे हैं। प्रवर्तन निदेशालय ने पंजाब नैशनल बैंक (पीएनबी) के 11,000 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में कंपनी की संपत्तियों पर छापेमारी और जब्ती की कार्रवाई की है। ईडी की ओर से उपस्थित अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल संदीप सेठी और केंद्र सरकार के स्थाई वकील अमित महाजन ने कहा कि दोनों कंपनियों को कोई राहत नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि मोदी न्याय से भगोड़ा है। वह भागा हुआ और जांच में शामिल नहीं हो रहा है।

पीठ ने कहा कि ईडी की इस दलील में दम है कि नीरव मोदी यहां एजेंसियों के समक्ष पेश नहीं हो रहा है, ऐसे में उसकी कंपनियों को विवेकाधीन राहत नहीं दी जा सकती। पीठ ने यह निष्कर्ष मोदी और मेहुल चोकसी की कंपनियों की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। इन कंपनियों ने उनके खिलाफ धन शोधन रोधक कानून (पीएमएलए) के विभिन्न प्रावधानों के तहत कार्रवाई को चुनौती दी थी। अदालत ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 3 मई तय की है।

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