देसी बाजार को अहम बनाएंगे जेम्स क्विंसी

विवेट सुजन पिंटो | मुंबई Aug 31, 2017 09:53 PM IST

कोका-कोला कंपनी के नवनियुक्त अध्यक्ष व मुख्य कार्याधिकारी जेम्स क्विंसी का भारत दौरा काफी व्यवस्तता भरा है और गुरुवार और शुक्रवार को लिए उनके कई कार्यक्रम हैं। मुंबई पहुंचने पर क्विंसी ने महाराष्ट्र सरकार के प्रतिनिधियों से मुलाकात, कंपनी के बेवरिज पोर्टफोलियो में नए ऑरेंज फ्लेवर की पेशकश शामिल है। क्विंसी कर्मचारियों को संबोधित करने के लिए कोका-कोला इंडिया के गुडग़ांव कार्यालय का दौरा करेंगे, जहां वे शुक्रवार को कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधकों के साथ परिचालन की समीक्षा करेंगे।
 
ब्रिटेन में जन्मे क्विंसी ने मई में एम केंट से पदभार ग्रहण किया और वह कोका-कोला इंडिया को मूल कंपनी के तीन अग्रणी क्लब में शामिल करना चाहते हैं। गुरुवार को मुंबई में मीडिया को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, यह मेरा विजन है। लेकिन निकट भविष्य में कोका-कोला के अध्यक्ष (भारत व दक्षिण पश्चिम एशिया) टी कृष्णकुमार के ऊपर कंपनी को छठी सबसे बड़े कंपनी से पांचवीं सबसे बड़ी बनाने का भार होगा।
 
क्विंसी ने कहा, दुनिया की सबसे बड़ी बेवरिज कंपनी भारत में कार्बोनेटेड ड्रिंक्स के अलावा अन्य श्रेणियों में भागीदारी का इरादा है, जो वैश्विक व स्थानीय प्रकृति का होगा और हम फ्रूट सर्कुलर इकॉनमी पर काम कर रहे हैं जिसमें खेती से लेकर बोतल तक की गतिविधियां कवर होंगी। उन्होंंने कहा, यह बड़ी बात है कि कंपनी का नाम इसके ब्रांड के नाम पर है, लेकिन यह कुछ हद तक हमें सीमित भी कर देता है। ब्रांड कोका-कोला हालांकि कंपनी का मूल बना रहेगा, लेकिन कंपनी को इससे भी कुछ बड़ा करने की दरकार है। 
 
क्विंसी ने 1996 में कोका-कोला का दामन थामा था। उन्होंने कहा कि कंपनी पिछले 10 सालों से कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से अपना ध्यान हटा रही है। पहले हमारे कारोबार का 90 फीसदी कार्बोनेटेड ड्रिंक्स होता था, पर अब यह 70 फीसदी से भी कम है। कार्बोनेटेड व गैर-कार्बोनेटेड का 50-50 फीसदी हिस्सा 2025 या 2030 तक हो सकता है। उन्होंने कहा कि कंपनी इस ओर काम कर रही है।
 
भारत में कोका-कोला का ज्यादा राजस्व इसके कार्बोनेटेड पोर्टफोलियो से आ रहा है। लेकिन इसमें बदलाव हो सकता है क्योंकि कंपनी की योजना अपना जूस वितरण अगले तीन साल में 10 लाख आउटलेट से 26 लाख आउटलेट तक करने की योजना है। इसके अतिरिक्त कोका-कोला इंडिया क्षेत्रीय व राष्ट्रीय फलों पर आधारित जूस ड्रिंक्स की एक रेंज तैयार ककरेगी, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में जूस की मात्रा बढ़ाएगी, अन्य बाजारों को प्रसंस्कृत फलों का निर्यात करेगी और अन्य उत्पाद पेश करेगी।
 
उन्होंंने कहा, कोई भी कारोबार आदर्श रूप से खींची गई रेखा में नहीं बढ़ सकता। पिछले साल के आखिरी कुछ महीनों में और इस साल की शुरुआत में हमारे लिए मुश्किल रही थी, लेकिन चीजें पटरी पर आनी शुरू हो गई है। हम अभी काफी सकारात्मक हैं। क्विंसी ने ये बातें नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी के बाद कोका-कोला इंडिया के सामने पैदा हुई चुनौतियों व कार्बोनेटेड ड्रिंक्स की बिक्री में सामान्य गिरावट को देखते हुए कही। भारत कोका-कोला के लिए विशिष्ट बना हुआ है। क्विंसी ने कहा कि स्वास्थ्यवर्धक बेवरिजेज सामने आने के बाद भी हमारे दो कोला डिंक्स का बाजार आगे बढ़ेगा। उन्होंंने कहा, अभी भी हम भारतीय बाजार में ज्यादातर कार्बोनेटेड ड्रिंक्स बेचते हैं, लेकिन पोर्टफोलियो का विस्तार शुरू हो गया है। थम्स अप व कोक आगे बढ़ते रहेंगे, लेकिन कुल कारोबार तेजी से आगे जाएगा।
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