'जमीन और संयुक्त उद्यम की हिस्सेदारी की समीक्षा करे सेल'

ईशिता आयान दत्त | कोलकाता Sep 01, 2017 10:01 PM IST

बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) ने सुझाव दिया है कि सरकारी क्षेत्र के स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) को अपने भारी भरकम लैंड बैंक की प्रासंगिकता व संयुक्त उद्यम की हिस्सेदारी की समीक्षा करनी चाहिए ताकि कर्ज घटाने के लिए जरूरी नकदी का इंतजाम हो सके। विश्लेषकों ने कहा, 31 मार्च 2017 को सेल का कर्ज 41,282 करोड़ रुपये था। मोतीलाल ओसवाल की हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि सेल का शुद्ध कर्ज बढ़ता रहेगा, साथ ही यह इक्विटी की कीमत को प्रभावित करेगा।

 
इक्रा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जयंत रॉय ने कहा, 2016-17 के दौरान सेल का कर्ज बोझ काफी ज्यादा बढ़कर 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया, वहीं इसकी हैसियत 2015-16 और 2016-17 में घटी क्योंकि इसे नुकसान उठाना पड़ा। इसके परिणामस्वरूप इस अवधि में इसकी पूंजी का ढांचा कमजोर हुआ। सेल इस मसले पर टिप्पणी नहीं करना चाहती। सरकारी स्टील कंपनी के पास काफी ज्यादा जमीन है। एक समाचार एजेंसी को दिए साक्षात्कार में स्टील मंत्री चौधरी वीरेंद्र सिंह ने कहा था कि स्टील पीएसयू के पास करीब 10,000 एकड़ जमीन है, जिसका इस्तेमाल विशाखन या उच्च कीमत वाले स्टील उत्पादन में किया जाना चाहिए। अन्य स्टील पीएसयू आरआईएनएल के पास 19,700 एकड़ जमीन है, जिसमें से 7,000 एकड़ बिना इस्तेमाल के पड़ा है।
 
सूत्रों ने कहा, हालांकि सेल के लिए जमीन बेचना शायद संभव नहीं होगा क्योंकि सरकार ने स्टील पीएसयू को जमीन पट्टे पर दिया है। इसी वजह से सेल ने समय-समय पर अतिरिक्त जमीन के इस्तेमाल की खातिर संयुक्त उद्यम के विकल्पों पर विचार किया है। उद्योग के सूत्रों ने कहा कि संयंत्रों, विपणन और कच्चे माल वाले डिविजन के बीच बेहतर जुड़ाव से सेल को बेहतर नतीजे हासिल करने में मदद मिल सकती है। 
 
मोतीलाल ओसवाल की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सेल उत्पादन क्षमता में इजाफा करने में परेशानी महसूस कर रही थी। इसमें कहा गया है कि एक ओर जहां सेल वित्त वर्ष 2018 में 1.6 करोड़ टन बिक्री की उम्मीद जता रही है, वहीं हमारा मानना है कि यह 1.5 करोड़ टन होगा। सेल के महत्वाकांक्षी आधुनिकीकरण व विस्तार कार्यक्रम की लागत फरवरी तक 65,000 करोड़ रुपये थी, जिसमें देर हो रही है। इसकी योजना 2006 मेंं बनी थी, लेकिन 2015 में राउरकेला व बर्नपुर संयंत्र में विस्तार का काम पूरा हुआ और चालू हुआ। आधुनिकीकरण और विस्तार कार्यक्रम से कच्चे स्टील की उत्पादन क्षमता 2006-07 के 1.35 करोड़ टन से बढ़ाकर 2.14 करोड़ टन किया जाना है।
कीवर्ड BCG, बॉस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी),

  
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