जेएसडब्ल्यू स्टील संग करार की इच्छुक ओडिशा माइनिंग

जयजित दास | भुवनेश्वर Sep 04, 2017 10:06 PM IST

जेएसडब्ल्यू स्टील की ओडिशा में प्रस्तावित 1 करोड़ टन की स्टील परियोजना एक कदम आगे बढ़ी है क्योंकि सरकारी खनन कंपनी ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन (ओएमसी) इस स्टील कंपनी के साथ लंबी अवधि का लौह अयस्क समझौता करने की इच्छुक है। अपने प्रस्ताव में कंपनी ने इंडियन ब्यूरो माइंस की तरफ से घोषित कीमत पर सालाना 3 करोड़ टन लौह अयस्क (फाइंस) की आपूर्ति के लिए ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन के साथ 50 साल के लिए समझौता करने की बात कही है। जेएसडब्ल्यू स्टील ने सुझाव दिया है कि गंधामरधन और दुबूना जैसी खदानों के लिए ओएमसी लंबी अवधि के आधार पर एक खदान डिवेलपर व परिचालक को शामिल कर सकती है। इसका मकसद स्टील संयंत्र के लिए लंबी अवधि के हिसाब से लौह अयस्क की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। ओडिशा सरकार के एक अधिकारी ने कहा, हमारे पास सरकार की तरफ से मंजूर लंबी अवधि की लिंकेज पॉलिसी पहले से ही है। हम इसके मुताबिक जेएसडब्ल्यू की आवश्यकता को देखेंगे। 

 
सामान्य तौर पर ओएमसी लंबी अवधि का लिंकेज समझौता लौह अयस्क उपभोक्ता उद्योगों के साथ पांच साल के लिए करती है। ओडिशा में एस्सार स्टील, वीजा स्टील, जिंदल स्टील ऐंड पार लिमिटेड (जेएसपीएल), भूषण स्टील लिमिटेड और एमएमटीसी प्रवर्तित नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड आदि लंबी अवधि के लिंकेज के जरिए ओएमसी से लौह अयस्क खरीदती हैं। टाटा स्टील भी अपने कलिंगनगर संयंत्र के लिए ओएमसी के साथ लौह अयस्क की आपूर्ति की खातिर लंबी अवधि के करार की संभावना तलाश रही है। ट्रायल के आधार पर स्टील निर्माता ने एक साल के लिए ओएमसी के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
 
ओएमसी अभी सालाना करीब 60 लाख टन लौह अयस्क का उत्पादन करती है। अगले तीन से चार सालों में कंपनी की योजना उत्पादन बढ़ाकर 2 करोड़ टन सालाना करने की है, जिसके लिए प्रमुख खदानों के मशीनीकरण में इजाफा किया जाएगा। सज्जन जिंदल की अगुआई वाली जेएसडब्ल्यू स्टील ने ओडिशा स्टील संयंत्र व सहायक सुविधाओं पर 50,000 करोड़ रुपये के निवेश की बात कही है। कंपनी ने एकीकृत स्टील परियोजना के लिए 4,500 एकड़ जमीन की मांग की है, जो पारादीप में स्थापित होगा।
कीवर्ड JSW जेएसडब्ल्यू स्टील,

  
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