भारत रोड पर दांव नहीं होगा सही

उज्ज्वल जौहरी | मुंबई Sep 05, 2017 10:44 PM IST

बीआरएनएल का आईपीओ

► आईपीओ खुलने की तारीख - 6 सितंबर
आईपीओ बंद होने की तारीख - 8 सितंबर
कीमत दायरा प्रति शेयर - 195-205 रुपये
लॉट साइज - 73 शेयर
बेचे जाने वाले कुल शेयर - 2.93 करोड़
इश्यू का आकार - 571-601 करोड़ रुपये
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने कहा निवेशकों को इसकी सूचीबद्धता के बाद शेयर के उचित मूल्यांकन पर पहुंचने का इंतजार करना चाहिए
सेंट्रम स्टॉक ब्रोकिंग ने कहा, हमें निकट भविष्य में कमजोर वित्तीय प्रदर्शन बने रहने का अनुमान है, ऐसे में निवेशकों को इस आईपीओ की सवारी नहीं करनी चाहिए

लाभ दर्ज करने में लगेगा वक्त, इसका मूल्यांकन स्थापित कंपनियों के स्तर पर है

श्रेय इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनैंस की 30.4 फीसदी हिस्सेदारी वाली सहायक कंपनी भारत रोड नेटवर्क लिमिटेड (बीआरएनएल) सड़क क्षेत्र में बिल्ट-ऑपरेट-ट्रांसफर कंपनी है। पोर्टफोलियो की संपत्ति बड़ी है और इसकी पांच परियोजना परिचालन में है व एक निर्माणाधीन। कुल मिलाकर उत्तर प्रदेश, केरल, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र व ओडिशा में इसके पास 1,622 किलोमीटर सड़कें हैं। विगत में इसके कमजोर वित्तीय प्रदर्शन और मूल्यांकन के चलते इसका आरंभिक सार्वजनिक निर्गम हालांकि अनाकर्षक है।

अपना कारोबार आगे बढ़ाने में जुटी कंपनी की योजना आईपीओ से मिलने वाली 600 करोड़ रुपये की रकम में से 372 करोड़ रुपये का इस्तेमाल श्रेय के कर्ज के अधिग्रहण की है, जो सोलापुर, कुरुक्षेत्र व महाकालेश्वर परियोजनाओं से जुड़ी है। चूंकि यह कर्ज का अधिग्रहण है, लिहाजा बीआरएनएल के खाते में कुल कर्ज नहीं घटेगा। आईपीओ की बाकी रकम में से 50 करोड़ रुपये निर्माणाधीन सोलापुर टोलवे परियोजना की फंडिंग पर और बाकी 150 करोड़ रुपये नई परियोजना के लिए पूंजी के तौर पर किया जाएगा।

कारोबारी मोर्चे पर इसके पास सड़क का ऐसा पोर्टफोलियो है जो हाल में चालू हुआ है और परिसंपत्तियों की औसत रियायत बकाया अवधि 18.5 साल की है। ऐसे में अभी कंपनी लाभ में नहीं है और बीओटी कारोबारों की यही प्रकृति होती है। इनमें बड़ी पूंजी लगती है और लाभ में आने में वक्त लगता है। परियोजना शुरू होने के साथ लागत बढ़ती है, लेकिन ज्यादातर मामले में परिचालन के स्तर पर परियोजना के लाभ में आने में उतना वकक्त लगता है जब तक कि टैरिफ एक स्तर तक न बढ़ जाए। ऐसा तब होगा जब परिचालन लाभ ऐसे स्तर पर पहुंच जाए कि परियोजना अपनी ब्याज लागत चुका सके और इसके बाद कर्ज का पुनर्भुगतान कर सके। बीआरएनएल के कर्ज की औसत परिपक्वता अवधि मार्च के आखिर में करीब 10 साल थी, ऐसे में यह शुद्ध स्तर पर नुकसान दर्ज करती रही है। 2015-16 में इसका नुकसान बढ़ा क्योंकि कंपनी ने सबसे बड़ी परियोजना गाजियाबाद-अलीगढ़ यानी जीएईपीएल शुरू की। लंबी अवधि में यह बढ़त के लिए अहम होगा क्योंकि यह दादरी-नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र में है।

प्रबंध निदेशक बजरंग कुमार चौधरी कहते हैं कि ज्यादातर परियोजनाएं नकदी के लिहाज से सकारात्मक हो रही हैं और यह आरंभिक मकसद भर है। कई परियोजनाएं अब ऐसे चरण में है जहां वह ब्याज लागत उठा सकती है और कुछ कर्ज का भुगतान भी करने में सक्षम है। उन्होंने कहा, हमें प्रदर्शन में सुधार का भरोसा है। कंपनी अपने कर्ज के बदले नए कर्ज पर भी काम कर रही है।

कुल मिलाकर कम लाभ ने बीआरएनएल के प्रदर्शन व रिटर्न अनुपात पर असर डाला है। सेंट्रम स्टॉक ब्रोकिंग के विश्लेषकों ने कहा, हमें निकट भविष्य में कमजोर वित्तीय प्रदर्शन बने रहने का अनुमान है, ऐसे में निवेशकोंं को इस आईपीओ की सवारी नहीं करनी चाहिए। वित्तीय स्थिति कमजोर हैं, पर मूल्यांकन भी सहजता प्रदान नहीं कर रहा। आईपीओ के कीमत दायरे के ऊपरी स्तर पर इस शेयर का मूल्यांकन वित्त वर्ष 2017 के प्राइस टु बुक वैल्यू का 1.4 गुना है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषकों ने कहा कि शेयर का मूल्यांकन स्थापित कंपनी मसलन आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर के बराबर है। पर निवेशकों को इसकी सूचीबद्धता के बाद शेयर के उचित मूल्यांकन पर पहुंचने का इंतजार करना चाहिए।
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