'फ्लिपकार्ट संग विलय के लिए तैयार'

करण चौधरी |  Sep 07, 2017 09:58 PM IST

शॉपक्लूज के सह-संस्थापक एवं सीईओ संजय सेठी जानते हैं कि वह अपनी कंपनी को कहां ले जाना चाहते हैं और उनके शब्दों में कहें तो वह खुद संचालन के लिए अथवा किसी के साथ जुडऩे के लिए तैयार हैं। करण चौधरी से बातचीत में सेठी ने कहा कि टाइगर ग्लोबल जैसे निवेशकों की दिलचस्पी घटने के बावजूद वह अपनी कंपनी की जरूरतों को पूरा करेंगे। भले ही इसके लिए फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी कंपनी संग जुडऩा पड़े अथवा आईपीओ के साथ पूंजी बाजार में उतरना पड़े। पेश हैं मुख्य अंश:

 
टाइगर ग्लोबल भारत में निवेश को लेकर अधिक उत्साहित नहीं दिख रही है। ऐसे में शॉपक्लूज का क्या होगा?
 
कंपनी को आईपीओ के साथ पूंजी बाजार में उतारना और उसे लाभप्रद बनाना हमारा नारा है। जब कोई संप्रभु अथवा अथवा इस मामले में सूचीबद्ध होगा तो उसे रकम के लिए किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। कम से कम हम जिस स्थिति में हैं, उसमें मूल्यांकन से कहीं अधिक शर्तें मायने रखती है। यह उन लोगों से अलग दुनिया है जो मूल्यांकन के आधार पर रकम जुटाते हैं। मैं शर्र्तों पर जोर दे रहा हूं कि किस प्रकार गठबंधन बनता है अथवा नहीं बनता। टाइगर की भारत में दिलचस्पी है अथवा नहीं, यह खास मायने नहीं रखता क्योंकि न तो हम टाइगर हैं और न ही वे हमारे जैसे हैं। इसी प्रकार सॉफ्टबैंक की दिलचस्पी होना अथवा न होना भी अधिक मायने नहींं रखता। हम बाहरी पूंजी पर निर्भर नहीं रहेंगे और यदि हमें रकम जुटाने की जरूरत पड़ी तो हम बाजार में उतरेंगे।
 
क्या आप ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि इनमें से किसी भी निवेश से रकम नहीं आ रही है?
 
यह रकम आने का सवाल नहीं है क्योंकि वह तो किसी भी तरह आएगी। हम अब तक 19 करोड़ डॉलर जुटा चुके हैं। फिलहाल रकम हमारी सबसे बड़ी चिंता नहीं है। हम 2018 तक अपना आईपीओ लाएंगे। दूसरी अथवा तीसरी तिमाही तक हम मुनाफा कमाने लगेंगे।
 
क्या आप किसी बड़ी खिलाड़ी के साथ गठबंधन करने की योजना बना रहे हैं? क्या आप फ्लिपकार्ट के साथ शॉपक्लूज के विलय के लिए तैयार हैं?
 
यदि हम किसी भी तरह की वित्तीय अथवा रणनीतिक मदद की तलाश करेंगे तो एक बात जरूर ध्यान रखेंगे कि क्या उससे हमें अपने लक्ष्य तक तेजी से पहुंचने में मिलेगी। मेरा दरवाजा फ्लिपकार्ट सहित सबके लिए खुला है। मैं क्यों नहींं हो सकता, मुख्य बात यह है कि हमें सबसे अधिक बाजार हिस्सेदारी और सबसे अधिक लाभप्रद 40 लाख उन लोगों के बाजार को हासिल करना है जो अभी भी डिजिटल क्रांति से महरूम हैं।
 
आप विलय के लिए तैयार दिखने के साथ-साथ आईपीओ लाने की भी बात कर हे हैं। वास्तव में आपकी योजना क्या है?
 
कंपनियों को दंभ नहीं होना चाहिए। हमें एक खास लक्ष्य तक पहुंचना है लेकिन सवाल यह है कि हम किस प्रकार आगे बढ़ें। हम खुद अपना संचालन कर सकते हैं अथवा किसी का सहारा ले सकते हैं। पिछले चार-पांच वर्षों से उसी का जवाब तलाश रहा हूं।
कीवर्ड e commerce, फ्लिपकार्ट,

  
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