डॉ रेड्डीज लैब्स को झटका

बी दशरथ रेड्डी | हैदराबाद Sep 08, 2017 09:44 PM IST

प्रमुख औषधि कंपनी डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज लिमिटेड को उपचारात्मक पहल शुरू करने का सुझाव देते हुए जर्मनी के औषधि नियामक ने कंपनी के डुवाडा फॉर्मूलेशंस विनिर्माण संयंत्र को छह प्रमुख ऑडिट ऑब्जर्वेशन जारी किया है। कुछ महीने पहले अमेरिकी औषधि नियामक यूएसएफडीए ने इस संयंत्र की दोबारा जांच के बाद सबसे अधिक 13 ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया था।
 
एक महीने के भीतर दूसरी बार डॉ रेड्डीज के विनिर्माण संयंत्र में गुणवत्ता मानकों के अनुपालन में कमी का मामला सामने आया है। जर्मनी के औषधि नियामक ने पिछले महीने कंपनी से कहा था कि वह हैदराबाद के बचुपल्ली संयंत्र की दूसरी इकाई के अनुपालन प्रमाण पत्र का नवीनीकरण नहीं करने जा रहा है। ऐसे में यूरोपीय संघ के देशों को होने वाले इस संयंत्र से उत्पादित दवाओं का निर्यात प्रभवी तौर पर अवरुद्ध हो जाएगा।
 
हालांकि जर्मनी के औषधि नियामक के इस कार्रवाई का तत्काल कोई खास वित्तीय निहितार्थ नहीं है क्योंकि कंपनी डुवाडा संयंत्र से उत्पादित दवाओं का यूरोपीय बाजारों को निर्यात पहले ही रोक चुकी है। लेकिन इस घटना से डॉ रेड्डीज के प्रबंधन द्वारा उठाए जा रहे उपचारात्मक कदमों के प्रभावीपन को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है। नवंबर 2015 में यूएसएफडीए ने वर्तमान अच्छी विनिर्माण प्रथाओं (सीजीएमपी) में गंभीर खामियोंं को उजागर करते हुए डुवाडा सहित डॉ रेड्डीज के तीन विनिर्माण संयंत्रों को चेतावनी पत्र जारी किया था।
 
डॉ रेड्डीज ने आज अपने खुलासे में कहा, '7 सितंबर को जर्मनी के औषधि नियामक ने विशाखापत्तनम के हमारे डुवाडा फॉर्मूलेशन विनिर्माण संयंत्र का निरीक्षण शून्य गंभीर एवं छह प्रमुख आब्जर्वेशन के साथ पूरा किया। इस संयंत्र में विनिर्मित दवाओं का निर्यात फिलहाल यूरोपीय संघ को नहीं किया जा रहा है। कंपनी अब उपचारात्मक एवं निवारक कार्य योजना (सीपीएसी) सौंपेगी।' हालांकि कंपनी ने इन ऑब्जर्वेशन की प्रकृति के बारे में कुछ भी खुलासा नहीं किया है।
 
ऑडिटर ने चेतावनी दी है कि इस संयंत्र को जर्मनी के ऑषधि नियामक से ईयू-जीएमपी प्रामाणीकरण नवंबर 2018 तक तभी मिल पाएगा जब उसकी उपचारात्मक एवं निवारक कार्य योजना को मंजूरी मिल जाएगी। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी में कहा गया है कि जर्मनी के नियामक उपचारात्मक एवं निवारक कार्य योजना और लागू अन्य नियमों के तहत इस संयंत्र में अनुपालन की समीक्षा अगले साल नवंबर तक दोबारा करेगा। 
 
डॉ रेड्डीज का शेयर आज बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर 65.15 रुपये यानी 2.93 फीसदी गिरावट के साथ 2,158.80 रुपये पर बंद हुआ। पिछले कंपनी का शेयर 1,901 रुपये पर 52 सप्ताह के निचले स्तर तक लुढऩे के बाद पिछले एक महीने के दौरान हुए फायदे को भी आज गंवा दिया। विदेशी औषधि नियामकों की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए डॉ रेड्डीज द्वारा अपनी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने मेंं हो रही देरी पर विश्लेषक पहले ही चिंता जता चुके हैं। अनुपालन संबंधी इस समस्या के कारण कंपनी के कारोबार पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और नई दवाओं को उतारने में लगभग दो महीने की देरी हो सकती है।
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