रीट्स, इनविट्स जारी कर सकेंगे बॉन्ड और डिबेंचर

बीएस संवाददाता | मुंबई Sep 18, 2017 09:19 PM IST

अब ऋण प्रतिभूतियों के जरिये भी पूंजी जुटा सकेंगे रीट्स, इनविट्स

रीट्स एवं इनविट्स के प्रारूप को और सहज बनाने की कवायद
समयबद्ध तरीके से निपटाए जाएंगे मुखौटा फर्मों के लंबित मामले

पूंजी बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने आज इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (इनविट्स) और रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (रीट्स) को ऋण प्रतिभूतियां जारी कर पूंजी जुटाने की मंजूरी दे दी। देश की अटकी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को गति देने के लिए सेबी बोर्ड की बैठक में इनविट्स एवं रीट्स के प्रारूप में कई अन्य ढील भी दी गई हैं। 

इनविट्स और रीट्स निवेश साधन है जिनके जरिये आय अर्जित करने वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं या रियल एस्टेट संपत्तियों में निवेश का मौका मिलता है। मौजूदा प्रारूप के तहत इक्विटी आधारित रीट्स एवं इनविट्स जारी करने की अनुमति है, जिसमें सांकेतिक प्रतिफल की पेशकश की जाती है। लेकिन ऋण प्रतिभूति वाले रीट्स एवं इनविट्स में निवेशकों को तय रिटर्न की पेशकश की जा सकती है।

इसके साथ ही सेबी ने रीट्स के लिए रणनीतिक निवेशक की अवधारणा का भी विस्तार किया है। फिलहाल इनविट्स के लिए ही इसकी अनुमति है, जिसके तहत घरेलू बाजार में दो इनविट्स जारी किए गए हैं। इसके साथ ही रीट्स को होल्डिंग कंपनी या विशेष उद्देश्य वाली कंपनी (एसपीवी) को कर्ज देने की भी अनुमति दी गई है। सेबी ने 2014 में रीट्स और इनविट्स के नियमों को अधिसूचित किया था। लेकिन अब तक इसके जरिये पूंजी जुटाने की योजना जोर नहीं पकड़ पाई है। विशेषज्ञों का कहना है कि ताजा बदलाव रीट्स और इनविट्स को बढ़ावा देने के मकसद से किया गया है।

सूत्रों के अनुसार सेबी ने 331 संदिग्ध मुखौटा कंपनियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बारे में भी बोर्ड को जानकारी दी। अब तक सेबी ने ऐसी 12 फर्मों की फॉरेंसिक ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए हैं। स्टॉक एक्सेंचज करीब 90 फर्मों का प्रामाणिकता की जांच कर रहा है और कुछ मामलों में प्रतिभूति अपीलीय ट्रिब्यूनल ने सेबी द्वारा फर्मों के कारोबार पर लगाई गई रोक के आदेश पर स्थगन दे दिया है। 
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