अब फॉरेंसिक जांच कर सकेंगे एक्सचेंज

श्रीमी चौधरी | मुंबई Sep 21, 2017 10:51 PM IST

सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों को किया अधिकृत

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने स्टॉक एक्सचेंजों को संदिग्ध सूचीबद्ध कंपनियों के खिलाफ फॉरेंसिक जांच करने के लिए सशक्त बनाया है। इन संदिग्ध कंपनियों का इस्तेमाल शेयर बाजार में अवैध फंड प्रवाह के लिए माध्यम के तौर पर किया जाता रहा है। इस संबंध में स्टॉक एक्सचेंजों को पत्र भेज दिया गया है जिससे वे ऐसी कंपनियों के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेने में सक्षम होंगे।

सूत्रों के अनुसार सेबी के सतर्कता विभाग ने स्टॉक एक्सचेंज रूट के जरिये इस तरह की छेड़छाड़ को नियंत्रित करने के तौर-तरीकों पर स्टॉक एक्सचेंजों के साथ व्यापक चर्चा की थी। नियामक चाहता है कि एक्सचेंज संदिग्ध कंपनियों की साप्ताहिक आधार पर समीक्षा करें और उसके आधार पर फॉरेंसिक ऑडिट के लिए इनका चयन करें। मौजूदा समय में एक्सचेंजों के पास स्वयं फॉरेंसिक ऑडिट करने का अधिकार नहीं है।

फॉरेंसिक ऑडिट जांच प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें कंपनी के वित्तीय विवरण की नियमित जांच के दौरान अपनाए जाने वाले समान तौर-तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि कंपनी के वित्तीय विवरण की जांच या मूल्यांकन का मॉडल अधिक केंद्रित है जिसमें उस खास अवधि के सभी लेनदेन की जानकारी जुटाई जाती है जब संदिग्ध रूप से धोखाधड़ी की गई हो। फॉरेंसिक ऑडिट संदिग्ध पर जरूरत पडऩे पर मामला चलाने के लिए सबूत का प्रमुख स्रोत है।

संदिग्ध कंपनियों पर लगाम लगाने की योजना के तहत, एक एक्सचेंज संबद्ध कंपनी को ऑडिटर का सर्टिफिकेट के साथ साथ लिस्ट ऑफ डिस्क्लोजर्स सौंपने का निर्देश दे सकता है। इनमें तीन साल के सालाना इनकम-टैक्स रिटर्न और लंबित कर विवादों की जानकारी (यदि कोई हो) शामिल है। इसके बाद एक्सचेंज ऐसी कंपनी के बिजनेस मॉडल की समीक्षा करेगा कि क्या यह काम कर रहा है या नहीं। इसके अलावा विशेष अवधि (जब धोखाधड़ी की आशंका जताई गई हो) के बैंक स्टेटमेंट और पिछले तीन साल के सालाना रिटर्न की भी जांच की जाएगी।

एक एक्सचेंज के अधिकारी ने कहा, 'ये जानकारियां फॉरेंसिक ऑडिटरों को मुहैया कराई जाएंगी और उसके हिसाब से वे इन आंकड़ों की जांच करेंगे।' यह पहल ऐसे समय में आई है जब बाजार नियामक सेबी ने 332 संदिग्ध एवं फर्जी कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंध लगाया था। मौजूदा समय में स्टॉक एक्सचेंज अगस्त के शुरू में कंपनी मामलों के मंत्रालय द्वारा मुहैया कराई गई 331 संदिग्ध कंपनियों की सूची में से कम से कम 90 की फॉरेंसिक जांच करने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की नियुक्ति की प्रक्रिया में हैं।

सेबी ने इन सभी कंपनियों को दैनिक कारोबार से प्रतिबंधित कर दिया था। हालांकि कुछ कंपनियां प्रतिभूति एवं अपीलीय प्राधिकरण (एसएटी) से आंशिक तौर पर राहत पाने में कामयाब हो गई हैं। 331 कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई नोटबंदी के दौरान व्यापार में दर्ज की गई तेजी के बाद की गई थी। कई कंपनियों को नियामकीय और आयकर नियमों के उल्लंघन में लिप्त पाया गया।

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