विदेश में धातुओं की खान लेना चाहती है कोल इंडिया

रॉयटर्स | नई दिल्ली Sep 29, 2017 09:47 PM IST

राजस्व में गिरावट और बढ़ती कर्मचारी लागत के बीच कोल इंडिया लिमिटेड ने विदेश में धातुओं की खान खरीदने के लिए आंतरिक तौर पर बातचीत शुरू की है, जो जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटाने के लिए रणनीतिक बदलाव का संकेत दे रहा है। सरकारी कंपनी की योजना दो इकाई के गठन की है : पहला, स्थानीय लौह अयस्क, बॉक्साइट और मैंगनीज के खनन के प्रबंधन के लिए जबकि दूसरा, विदेश में तांबे व निकल की खान के लिए। कंपनी के दो अधिकारियों ने रॉयटर्स को इस योजना की जानकारी दी।
 
कंपनी ने कहा, भारत व विदेश में धातु कारोबार में प्रवेश की कोल इंडिया की योजना अभी शुरुआती चरण में है और अभी यह रणनीतिक व गोपनीय प्रकृति का भी है। विदेशी कोयला खान में हिस्सेदारी खरीदने में अब तक नाकाम रही कोल इंडिया धातु खनन में विदेशी उद्यम के लिए सरकार की ओर देख रही है। कंपनी के अधिकारी ने कहा कि इस तरह के किसी भी प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी की दरकार होगी।
 
तांबे व निकल के खनन में इसे कोई पूर्व अनुभव नहीं है, लिहाजा विश्लेषकों को लगता है कि राजस्व के लिहाज से यह लंबी अवधि की रणनीति है और इसका कोई तात्कालिक फायदा नहीं मिलेगा। एमके ग्लोबल फाइनैंशियल सर्विसेज लिमिटेड के विश्लेषक गौतम चक्रवर्ती ने कहा, विदेश में भारतीय पीएसयू की तरफ से निवेश के ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए अगले कुछ सालों तक शायद ही ऐसा हो पाएगा। कोल इंडिया की योजना इस साल अक्षय ऊर्जा का सृजन एक गीगावॉट पर ले जाने का है और इसने सौर ऊर्जा का लक्ष्य दोगुना यानी 20 गीगावॉट कर दिया है। 
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