एआईएटीएसएल को मिल रहे बोलीदाता

सुरजीत दासगुप्ता | नई दिल्ली Oct 02, 2017 09:54 PM IST

एयर इंडिया की ग्राउंड हैंडलिंग सेवा की सहायक इकाई एयर इंडिया ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईएटीएसएल) में विमानन कंपनी के मुख्य एयरलाइन कारोबार की तुलना में क्षमतावान बोलीदाता ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। सरकार के मुताबिक कम से कम दो कंपनियों, दिल्ली के बर्ड ग्रुप और तुर्की फर्म सेलेबी होल्डिंग्स ने एआईएटीएसएल में दिलचस्पी दिखाई है। देश के निजी कारोबारियों को एआईएटीएसएल में क्या इतना आकर्षक लग रहा है, जबकि वे पहले से ही इसी तरह का कारोबार कर रही हैं? इसका जवाब एयर इंडिया की सहायक इकाई के परिचालन की मात्रा में मिल सकता है। कंपनी देश भर में 67-70 हवाईअड्डों के ग्राउंड हैंडलिंग की सेवा प्रदान कर रही है, जो इसे ज्यादातर दिग्गज कारोबारियोंं से बहुत आगे ले जाता है। इससे अहम यह है कि एयर इंडिया में इसके सुरक्षित और स्थायी ग्राहक हैं, जिससे इसे 70 प्रतिशत कारोबार मिलता है। साथ ही यह नियंत्रण इसलिए और महत्त्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि एमिरेट्स और सिंगापुर एयरलाइंस जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा कंपनियोंं के लिए ग्राउंड हैंडलिंग का काम करती है। 
 
इसकी तुलना में बर्ड ग्रुप और सेलेबी बहुत छोटे कारोबारी हैं, भले ही वे स्वतंत्र निजी क्षेत्र के बड़े ऑपरेटर हैं। बर्ड ग्रुप 7 शहरों दिल्ली, मुंबई, बेंगलूरु, कोच्चि, अहमदाबाद, गोवा और गया में ग्राउंड हैंडलिंग का काम करता है, जहां देश की कुल उड़ानोंं में 70 प्रतिशत उड़ाने आती हैं। सेलेबी 3 हवाईअड्डों दिल्ली मुंबई और अहमदाबाद में परिचालन करती है। इनके अलावा इस क्षेत्र में काम करने वालों में एयर इंडिया एसएटी जेवी 5 हवाईअड्डों का परिचालन करती है और मेंजेइस, बांद्रा इंटरनैशनल और इंडो थाई भी हैं। 
 
साफ है कि बर्ड ग्रुप और सेलेबी दोनों के लिए ही एआईएटीएसएल का अधिग्रहण करने का फायदा यह होगा कि उसके कुल ग्राउंड हैंडलिंग कारोबार की हिस्सेदारी बढ़ जाएगी। इस अधिग्रहण से उन्हें और हवाईअड्डों पर जगह मिलेगी और यह बहुत आकर्षक हिस्सा होगा क्योंकि भारत अब क्षेत्रीय हवाई संपर्क पर जोर दे रहा है। बहरहाल एआईएटीएसएल के मूल्यांकन के बारे मेंं ग्राउंड हैंडलिंग कंपनियां कहती हैं कि यह समय के साथ ही हो पाएगा। कंपनी का अंतिम बैलेंस सीट 2013-14 का है। उन आंकड़ों के आधार पर कर के भुगतान के बाद कंपनी को 2.19 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। 
 
कंपनियों का कहना है कि ग्राउंड हैंडलिंग में बहुत से कारोबारी लगे हुए हैं और यह बहुत प्रतिस्पर्धी क्षेत्र है, जिससे सेवा शुल्क में भी गिरावट आ रही है। प्रमुख शहरों में पहले से ही 3 तक कारोबारी लगे हैं, जो एक ही एयरलाइंस को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। बहुत ज्यादा प्रतिस्पर्धा होने की वजह से एक विमान के हैंडलिंग का शुल्क घटकर 1,100 डॉलर पर पहुंच गया है तो एक दशक पहले लगने वाले शुल्क की तुलना में एक चौथाई है। .हां तक कि घरेलू शुल्क भी कम होकर 7,500 से 15,000 तक रह गया है और पिछले कुछ वर्षों में इसमें बड़ी गिरावट आई है। 
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