सेबी की गवर्नेंस समिति करेगी बड़े बदलाव की सिफारिश!

श्रीमी चौधरी | मुंबई Oct 02, 2017 10:49 PM IST

क्या होगी सिफारिशें

► कंपनी प्रशासन नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए समिति बोर्ड सदस्यों की भूमिका और दायित्वों का दायरा बढ़ाने की कर सकती है सिफारिश
समिति नियामक को सुझाव दे सकती सकती है कि कंपनी के बोर्ड में शामिल न होने वाले प्रवर्तकों को दी जाने वाली सूचनाएं हों स्पष्ट

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा कॉरपोरेट गवर्नेंस पर गठित समिति सूचीबद्ध कंपनियों के मौजूदा प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव की सिफारिश कर सकती है। सेबी द्वारा गठित 24 सदस्यीय समिति इसी सप्ताह अपनी रिपोर्ट सौंपेगी जिसमें कई सख्त कदम उठाने की सिफारिश की जा सकती है। सूत्रों का कहना है कि कंपनी प्रशासन नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए समिति बोर्ड सदस्यों की भूमिका और दायित्वों का दायरा बढ़ाने की सिफारिश कर सकती है।

टाटा संस से निकाले गए चेयरमैन साइरस मिस्त्री और रतन टाटा के बीच हालिया बोर्डरूम विवाद के बाद कंपनी प्रशासन संबंधी कई मुद्दे सामने आए। इसके अलावा इन्फोसिस में भी कंपनी प्रबंधन के साथ उसके संस्थापकों और प्रवर्तकों के बीच गतिरोध के कारण विशाल सिक्का ने इस्तीफा दे दिया।

सेबी की समिति ने इन दोनों मामलों का विस्तृत अध्ययन किया है। प्रमुख संभावित सिफारिशों के तहत सेबी विशेषज्ञ समिति नियामक को सुझाव दे सकती सकती है कि कंपनी के बोर्ड में शामिल न होने वाले प्रवर्तकों को दी जाने वाली सूचनाएं स्पष्टï हों। प्रबंधन अपनी रिपोर्ट में प्रवर्तकों को दी जाने वाली सूचनाओं को औपचारिक बनाने का सुझाव दे सकता है भले ही वे कंपनी बोर्ड में शामिल हों। समिति सिफारिश कर सकती है कि कब, कैसे और किस समय किस प्रकार की सूचनाएं दी जा सकती हैं।

इसके अलावा अन्य महत्त्वपूर्ण संभावित सिफारिशों में स्वतंत्र निदेशकों की भूमिका एवं नियुक्ति हो सकती है। सूत्रों ने बताया कि समिति उन स्वतंत्र निदेशकों की भागीदारी का दायरा बढ़ाने की सलाह दे सकती है जो निवेशकों पर नजर रख सकें। यह रिपोर्ट का एक प्रमुख मुद्दा हो सकता है। समिति इस मुद्दे पर भी अपनी राय दे सकती है कि स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति कंपनी बोर्ड के नियंत्रण में रहेगी।

रिपोर्ट में एक स्वतंत्र उपक्रम खासकर सरकारी उपक्रमों के संदर्भ में कंपनी के प्रदर्शन के आकलन से संबंधित चिंताओं को भी उजागर किया जा सकता है। इसके अलावा समिति सूचीबद्ध कंपनियों में पाई जाने वाली अनियमितताओं में अंकेक्षकों के लिए अधिक जवाबदेही तय करने की भी सिफारिश कर सकती है।  नियामक ने सूचीबद्ध कंपनियों में कंपनी संचालन मानदंडों में सुधार के लिए जून में कोटक महिंद्रा बैंक के प्रबंध निदेशक उदय कोटक की अध्यक्षता में एक 24 सदस्यीय समिति गठित की थी।

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