एचपीसीएल सौदे के लिए ब्रिज लोन लेगी ओएनजीसी

शाइन जैकब | नई दिल्ली Oct 03, 2017 09:47 PM IST

हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन में सरकारी हिस्सेदारी खरीदने के लिए तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) करीब एक साल के लिए अल्पावधि वाला ब्रिज लोन ले सकती है। इस अधिग्रहण की फंडिंग के लिए ओएनजीसी पहले ही इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन और गेल इंडिया की हिस्सेदारी बेचने की योजना तैयार कर चुकी है और बाजार से 25,000 करोड़ रुपये तक उधार लेने के लिए इसे शेयरधारकोंं से मंजूरी मिल चुकी है। 
 
ओएनजीसी के एक अधिकारी ने कहा, हम सभी विकल्पों पर विचार कर रहे हैं। दो कंपनियों की हिस्सेदारी बेचने के लिए हमें बाजार की अनुकूल स्थितियों पर नजर रखनी होगी, हमें ब्रिज लोन या अल्पावधि वाला कर्ज लेने के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं, जो कम से कम एक साल के लिए होगा। केंद्रीय कैबिनेट ने एचपीसीएल की 51.1 फीसदी सरकारी हिस्सेदारी ओएनजीसी को बेचने की मंजूरी इस साल 19 जुलाई को दी थी ताकि वैश्विक स्तर पर बड़ी ऊर्जा कंपनी बनाया जा सके। एचपीसीएल के मौजूदा बाजार मूल्यांकन के आधार पर इस अधिग्रहण की लागत करीब 33,000 करोड़ रुपये रह सकती है। विनिवेश और सार्वजनिक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) इस सौदे की समयसीमा जल्द तय कर सकता है। हालांकि आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओएनजीसी के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक डी के सराफ ने कहा था कि यह सौदा दिसंबर तक हो सकता है। ओएनजीसी पहले ही सिटी बैंक और एसबीआई कैप्स को इस सौदे के लिए कंसल्टेंट नियुक्त कर चुकी है।
 
सराफ ने कहा था, हम इस सौदे की फंडिंग के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहे हैं, जिसमें उधारी और आईओसी व गेल की हिस्सेदारी बिक्री शामिल है। ओएनजीसी के पास आईओसी की 13.77 फीसदी और गेल की 4.87 फीसदी हिस्सेदारी है। हम यह अधिग्रहण बाजार कीमत पर करना पसंद करेंगे और वह भी बिना कोई प्रीमियम चुकाए। ओएनजीसी ने पिछले महीने गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कॉर्प की केजी बेसिन ब्लॉक की 80 फीसदी हिस्सेदारी का अधिग्रहण 7,738 करोड़ रुपये में पूरा कर लिया था। दिसंबर 2016 में इसने जीएसपीसी की 80 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने पर सहमति जताई थी।
कीवर्ड HPCL, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन एचपीसीएल,

  
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