मजबूत धारणा से आभूषण शेयरों में आई चमक

दिलीप कुमार झा | मुंबई Oct 09, 2017 09:38 PM IST

आभूषण उद्योग को प्रीवेंशन ऑफ मनी लाउंडरिंग ऐक्ट (पीएमएलए) के दायरे से मुक्त रखने के सरकार के निर्णय के बाद उपभोक्ता धारणा मजबूत होने से सोमवार को ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में 5.4 फीसदी तक की तेजी दर्ज की गई। त्रिभुवनदास भीमजी जवेरी का शेयर सोमवार को 5.3 फीसदी चढ़कर 127.75 रुपये, गीतांजलि जेम्स 3.6 फीसदी तक बढ़कर 72.4 फीसदी और टाइटन कंपनी 3.5 फीसदी तक चढ़कर 617.75 रुपये पर पहुंचा गया। 
 
23 अगस्त की एक अधिसूचना जारी कर पीएमएलए के दायरे में आभूषण क्षेत्र को शामिल किया गया था। इससे आभूषण कारोबारियों को 50,000 रुपये से अधिक के गहनों की नकद खरीदारी के लिए उपभोक्ता के पैन और आधार विवरण लेना अनिवार्य हो गया था। इसे वापस लिए जाने का निर्णय पिछले शुक्रवार को लिया गया था। तब से ग्राहकों ने सोने की खरीदारी में दिलचस्पी बढ़ाई है और नकद खरीदारी की सीमा बढ़ाकर 200,000 रुपये तक की गई है। 
 
इंडियन बुलियन ऐंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के सचिव सुरेंद्र मेहता ने कहा, 'ज्वैलरों और सराफा डीलरों को अब इस त्योहारी सीजन में व्यवसाय में सुधार आने की उम्मीद दिख रही है जो पिछले साल पूरी तरह गायब थी। उपभोक्ताओं की दिलचस्पी बढऩे से ज्वैलरों को इस त्योहारी सीजन में बम्पर बिक्री की उम्मीद है।' सरकार द्वारा पिछले साल 1 फीसदी का उत्पाद शुल्क लगाए जाने के बाद से इस सेक्टर को 18 महीनों के दौरान भारी दबाव का सामना करना पड़ा है। इस उत्पाद शुल्क की वजह से 42 दिनों तक राष्टï्रव्यापी हड़ताल हुई थी। इसके अलावा पिछले साल के अंत में सरकार ने नकद लेनदेन की सीमा 5,00,000 रुये से घटाकर 200,000 रुपये कर दी थी। इसके बाद इस साल 1 जुलाई से 3 फीसदी जीएसटी लगाया गया जिससे उपभोक्ताओं की संख्या में भारी कमी दर्ज की गई। जेवेल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के संस्थापक सदस्य संजय शाह कहते हैं, 'कई कुशल आभूषण कारीगरों को अन्य पारिश्रमिक और रोजगार क्षेत्रों को अपनाने के  लिए बाध्य होना पड़ा है। पिछले 10 वर्षों के दौरान आभूषण क्षेत्र में कारीगरों की संख्या पूर्व के 5 लाख से घटकर अब महज 2 लाख रह गई है।'
 
राजेश एक्सपोट्ïर्स के चेयरमैन राजेश मेहता ने कहा, 'व्यावसायिक रुझान काफी हद तक सकारात्मक दिख रहा है। उपभोक्ता न सिर्फ हाजिर डिलिवरी के लिए आभूषण खरीद रहे हैं बल्कि धनतेरस (17 अक्टूबर) और दीवाली (19 अक्टूबर) के शुभ अवसरों के लिए भी खरीदारी कर रहे हैं।' पीएमएलए वापस लिए जाने के अलावा, उपभोक्ताओं में देश और विदेश में सोने की कीमतें घटने से भी दिलचस्पी बढ़ी है। विदेश में सोने की कीमतें 1,350 डॉलर प्रति औंस के अपने ताजा तेजी के स्तर से घटकर 75 डॉलर पर रह गई हैं। वहीं भारत में सोने का भाव 700 रुपये कमजोर होकर 29,810 रुपये (प्रति 10 ग्राम) रह गया है। इस बीच आभूषण की मांग में तेजी से आने वाले महीनों में देश का स्वर्ण आयात मजबूत होने के आसार दिख रहे हैं। 
कीवर्ड gold,सराफा बाजार, आभूषण bond, kyc,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक