जीआईसी को एलआईसी से सहारा

समी मोडक | मुंबई Oct 13, 2017 09:48 PM IST

देश की सबसे बड़ी पुनर्बीमा कंपनी जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (जीआईसी आरई) के भारी भरकम आरंभिक सार्वजनिक निर्गम को महज 1.37 गुना आवेदन मिले। 11,300 करोड़ रुपये का यह आईपीओ सात साल में सबसे बड़ा है और इसे 15,440 करोड़ रुपये की बोली मिली, जिसमें से आधे से ज्यादा की बोली भारतीय जीवन बीमा निगम ने लगाई है। आईपीओ की खुदरा श्रेणी में 55 फीसदी आवेदन मिले, वहीं एचएनआई श्रेणी में महज 22 फीसदी। क्यूआईबी श्रेणी में 2.25 गुना आवेदन मिले।
 
इन्वेस्टमेंट बैंकरों ने कहा कि जीआईसी आरई के आईपीओ को मिली कमजोर प्रतिक्रिया सरकार के लिए शायद उत्साहजनक संकेत नहीं हैं, जिसने अगले कुछ हफ्ते के लिए बड़ी शेयर बिक्री का खाका तैयार किया है। केंद्र सरकार न्यू इंडिया एश्योरेंस का आईपीओ पेश करने की योजना बनाई है और भारत-22 ईटीएफ के जरिए भी सरकार की 22 कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बेचने की भी योजना है। दोनों ही पेशकश 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की है।
 
एक इन्वेस्टमेंट बैंकर ने कहा, अगर एलआईसी का सहारा न मिलता तो जीआईसी के आईपीओ की नैया शायद ही पार लगती। विदेशी निवेशक अब भी जोखिम से दूर हैं। वे अगस्त से ही देसी बाजार से निवेश की निकासी कर रहे हैं। शेयर जारी करने वालों को मोटे तौर पर देसी संस्थागत निवेशकों पर भी भरोसा करना होगा। विदेशी निवेशकों ने महज 523 करोड़ रुपये के आवेदन सौंपे हैं, जो आईपीओ के आकार का 5 फीसदी से भी कम है। भारतीय बाजार के तीसरे सबसे बड़े आईपीओ को महज 6.42 लाख आवेदन मिले। इसकी तुलना में 1,470 करोड़ रुपये के कोचीन शिपयार्ड के आईपीओ को अगस्त में 20 लाख आवेदन मिले थे।
 
बाजार के प्रतिभागियों ने कहा कि जीआईसी आरई की पेशकश ऐसे विरले उदाहरणों में से एक है जहां सरकारी आईपीओ के प्रति निवेशकों की प्रतिक्रिया ठंडी रही। एक अन्य बैंकर ने कहा, मोटे तौर पर बाजार किसी सरकारी कंपनी के आईपीओ पर नजर डालता है। ऐसा जीआईसी आरई के साथ नहीं हुआ। कीमतें ज्यादा थीं और निवेशकों को लगा कि इसमें कमाई की गुंजाइश काफी कम है। इस वित्त वर्ष के बड़े विनिवेश लक्ष्य ने शायद सरकार को उच्च मूल्यांकन के लिए बाध्य किया होगा। जीआईसी आरई का कीमत दायरा 855-912 रुपये है, जिससे कंपनी का मूल्यांकन 75,000 से 80,000 करोड़ रुपये बैठता है। खुदरा निवेशकों को आवंटन कीमत पर 45 रुपये प्रति शेयर की छूट दी जाएगी। कीमत दायरे के ऊपरी स्तर पर जीआईसी आरई का मूल्यांकन साल 2016-17 की आय का 25 गुना बैठता है और बुक वैल्यू का चार गुना।
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