नए इंजन से वृद्धि को गति दे रही महिंद्रा

निखिल इनामदार | मुंबई Oct 23, 2017 09:40 PM IST

साल 2016 में महिंद्रा ऐंड महिंद्रा की 70वीं सालाना आम बैठक में चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने कहा था कि यदि कोई मोबिलिटी के विघटनकारी भविष्य के लिए बेचैनी से तैयारी कर रहा है तो वह उनका समूह है।  करीब एक साल से वाहन उद्योग को हमेशा के लिए परिचालन माहौल में बदलाव की चेतावनी दी जा रही है। प्रमुख वाहन कंपनियां जब सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के उस बयान पर दबे मुंह हंस रही थीं कि 2030 तक 100 फीसदी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी हासिल करने के लिए पेट्रोल और डीजल कारों को नष्ट कर दिया जाएगा। तब महिंद्रा एनडीटीवी से बातचीत में दु:ख जता रहे थे। उन्होंने कहा था, 'एक देश के रूप में हमने कई वर्षों तक अपनी आकांक्षाओं को दबाकर रखा है।' उन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन के लिए इस नाटकीय लक्ष्य का मजाक बनाने वालों को याद दिलाया कि 20वीं शताब्दी में घोड़ागाड़ी से यात्रा की पूरी व्यवस्था को मोटर वाहन में तब्दील करने में महज 10 साल लगे।
 
महिंद्रा अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तमाम मोर्चे पर आकांक्षाओं की जंग लड़ रही है और ई-मोबिलिटी भी उनमेंं से एक है। वाहन क्षेत्र की यह प्रमुख कंपनी मोबिलिटी, कृत्रिम बौद्धिकता और बिग डेटा आधारित डिजिटल रूपांतरण जैसी प्रौद्योगिकी पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो उसकी मूल्य शृंखला में संगठन को नुकसान पहुंचा रही है। उत्पाद के लिहाज से वाहन कारोबार का दायरा अब काफी हद तक तीन प्रमुख क्षेत्रों- इलेक्ट्रिक कार, साझा मोबिलिटी और स्वचालित वाहन -तक सीमित हो गया है। वाहन उद्योग में यही प्रवृत्ति उभर रही है जो भविष्य के लिए दिशा निर्धारित करेगी।
 
पिछले तीन साल के दौरान अनुसंधान एवं विकास में विस्तार करने के अलावा महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने गठबंधन के जरिये रणनीतिक रूप से इन प्रवृत्तियों को आत्मसात किया है। स्टार्टअप मार्केटप्लेस प्लेटफॉर्म- ट्रकों के लिए स्मार्ट शिफ्ट और ट्रैक्टरों के लिए ट्रिंगो- में निवेश के जरिये कंपनी ने साझा अर्थव्यवस्था में दांव लगाया था। सितंबर में महिंद्रा ऐंड महिंद्रा ने ट्रैक्टरों के लिए बहुप्रतीक्षित ड्राइवर रहित कॉन्सेप्ट का अनावरण किया जिसे चेन्नई के महिंद्रा रिसर्च वैली में विकसित किया गया है। चेन्नई के महिंद्रा रिसर्च वैली में प्रौद्योगिकी आधारित अनुसंधान एवं विकास पर करीब 1,500 इंजीनियर कार्यरत हैं। महिंद्रा का मानना है कि स्वचालित वाहनों के लिए कृषि 'सबसे उपजाऊ जमीन' है। जबकि अधिकतर वैश्विक कार कंपनियां भारतीय परिप्रेक्ष्य में यात्री कारों पर दांव लगा रही हैं।
 
महिंद्रा समूह के मुख्य सूचना अधिकारी राहुल शांडिल्य ने कहा, 'आज हमारी विनिर्माण क्षमता काफी हद तक इंडस्ट्री 4.0 फ्रेमवर्क से संचालित हो रही है।' शांडिल्य और उनकी टीम इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) के इस्तेमाल पर काफी जोर दे रही है। उन्होंने कहा, 'हम कई सौ मशीन को एक-दूसरे पहले ही जोड़ चुके हैं और कुछ हजार मशीनों को जोडऩा अभी बाकी है। इससे डेटा जुटाने के लिए अपार अवसर खुलेंगे और विसंगतियों को दूर करने में मदद मिलेगी।' पिछले तीन साल के दौरान बिग डेटा की भूमिका काफी बढ़ी है। इसका इस्तेमाल ग्राहक एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म हियरबीट पर किया गया है ताकि ग्राहकों की आवाज का विश्लेष उनकी खरीदारी की चाहत को जानने के लिए किया जा सके। 
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