'पोर्टफोलियो में पीएसयू बैंकों के और शेयर नहीं ले रहे वुड'

पुनीत वाधवा | नई दिल्ली Oct 27, 2017 09:59 PM IST

सरकार की तरफ से सार्वजनिक बैंकों को 2.11 लाख करोड़ रुपये के पुनर्पूंजीकरण पैकेज दिए जाने के बावजूद सीएलएसए के प्रबंध निदेशक और इक्विटी रणनीतिकार क्रिस्टोफर वुड ने इन शेयरों में तेजी को देखते हुए अपने पोर्टफोलियो में इन शेयरों को और नहीं जोड़ा। उन्होंने हालांकि कहा कि यह सही दिशा में उठाया गया कदम है और नकदी के संकट का सामना कर रहे पीएसबी की पूंजी की जरूरतें पूरी करने के लिहाज से इसका काफी असर होगा।
 
वुड ने निवेशकों को भेजे अपने साप्ताहिक नोट में लिखा है, ग्रीड ऐंड फियर को जिन चीजों का लंबे समय से इंतजार था, वह अंतत: भारत में हो गया। मंगलवार को वित्त मंत्रालय ने अगले दो साल के दौरान बैंकिंग क्षेत्र में पुनर्पूंजीकरण के प्रस्ताव का ऐलान किया। यह रकम सरकारी बैंकों की जरूरतों के लिए पर्याप्त है। उन्होंने कहा, इस खबर के बाद सरकारी बैंकों के शेयरों की कीमतें चढ़ी हैं। अभी भी ग्रिड ऐंड फियर अपने पोर्टफोलियो में सरकारी बैंकों के शेयरों को और नहीं जोडऩे जा रहा है क्योंकि शेयरों में उछाल को देखते हुए लगता है कि इस खबर को काफी हद तक समाहित किया जा चुका है।
 
24 अक्टूबर को घोषणा के बाद से निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स करीब 29 फीसदी चढ़ा है जबकि बेंचमार्क निफ्टी-50 इंडेक्स में 1.3 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। यह जानकारी ऐस इक्विटी के आंकड़ों से मिली। बैंकों की बात करें तो पीएनबी में 54 फीसदी, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 42 फीसदी, बैंक ऑफ इंडिया में 37 फीसदी, केनरा बैंक में 33 फीसदी, बैंक ऑफ बड़ौदा में 30 फीसदी और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर में इस अवधि में 26 फीसदी की उछाल दर्ज हुई है।
 
वुड का मानना है कि अब नई उधारी व निवेश का चक्र वास्तविकता में बदलता नजर आएगा। निïवेश की रणनीति के तौर पर वुड की योजना भारत का भारांक एशिया प्रशांत (जापान को छोड़कर) सापेक्षिक रिटर्न पोर्टफोलियो में दो फीसदी बढ़ाने की है, जो भारत को ढांचागत तौर पर तीन गुना ओवरवेट पोजीशन पर ला देगा। इसके लिए कोरिया का भारांक दो फीसदी घटाया जाएगा।
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