ईरान संग संकट के बाद दूसरे क्षेत्रों में तेल संपत्ति चाहती है ओएनजीसी

रॉयटर्स | नई दिल्ली Nov 02, 2017 09:53 PM IST

ईरान की तरफ से गैस क्षेत्र को विकसित करने का अधिकार देने में हो रही देरी के चलते ओएनजीसी विदेश लिमिटेड ने अपना लक्ष्य पूरा करने की खातिर विदेश में तेल व गैस परिसंपत्तियां खरीदने पर ध्यान देना शुरू कर दिया है। कंपनी के प्रबंध निदेशक ने गुरुवार को यह जानकारी दी। ओएनजीसी की विदेशी निवेश इकाई ओएनजीसी विदेश ईरान के फरजाद-बी गैस क्षेत्र को विकसित करने का अधिकार हासिल करने के लिए बातचीत कर रही है। कंपनी के प्रबंध निदेशक एन के वर्मा ने कहा, ईरान के साथ बातचीत में हमारा रुख लचीला रहा है और हमें उम्मीद थी कि फरजाद गैस क्षेत्र से हमारे उत्पादन लक्ष्य में कुछ जुड़ेगा, लेकिन यह सौदा अभी तक नहीं हो पाया है। ऐसे में हम अपने उत्पादन में मजबूती के लिए दूसरी परिसंपत्तियों पर नजर डाल रहे हैं।
 
ओएनजीसी विदेश का लक्ष्य साल 2030 तक 6 करोड़ टन तेल व गैस उत्पादन का है, जो 2016-17 में 1.28 करोड़ टन रहा है। वर्मा ने परिसंपत्तियों के अधिग्रहण के लिहाज से अफ्रीका, मध्य एशिया और लैटिन अमेरिका को तरजीही क्षेत्र बताया। भारत फरजाद-बी को विकसित करने का अधिकार मिलने की उम्मीद कर रहा था क्योंकि दक्षिण एशियाई देश उन चुनिंदा देशों में से एक था जो पाबंदी लगाए जाने के बाद भी तेहरान से बातचीत कर रहा था। लेकिन पिछले साल पाबंदी समाप्त होने के बाद ईरान ने अन्य निवेशकों पर नजर डाली औ्र मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि तेहरान यह क्षेत्र रूस की गैजप्रोम को देने पर सहमत हो गया है। वर्मा ने कहा कि तेहरान की उम्मीदों व शर्तों के मुताबिक भारत ने कई बार बोली में संशोधन किया ताकि वह क्षेत्र विकसित करने का अधिकार मिले। उन्होंने कहा, हम सिर्फ अपस्ट्रीम चाहते थे, लेकिन ईरान ने इसमें डाउनस्ट्रीम शामिल करने के लिए कहा, लिहाजा हमने इसमें संशोधन किया और बोली 11 अरब डॉलर की कर दी, साथ ही गैस की कीमतों को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क से जोड़ दिया। ओएनजीसी ने पहले 5 अरब डॉलर में सौदा करने की बात कही थी।
कीवर्ड ONGC, oil, gas,

  
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