क्वालकॉम के लिए बोली से बदलेगा बाजार

सुरजीत दास गुप्ता | नई दिल्ली Nov 07, 2017 09:53 PM IST

चिप निर्माता क्वालकॉम की खरीद के लिए ब्रॉडकॉम की 100 अरब की बोली अगर कामयाब रहती है तो इससे ब्रॉडकॉम मोबाइल उपकरणोंं के ऐप्लिकेशन का प्रसंस्करण करने वाली भारत की सबसे बड़ी कंपनी बन जाएगी। भारत में मोबाइल उपकरण बाजार राजस्व के लिहाज से सेमीकंडक्टर कारोबार में 50 फीसदी से ज्यादा का योगदान करता है और यह सबसे आकर्षक बाजार है।
 
साल 2017 की पहली तिमाही के लिए जीएफके ग्लोबल के अनुमान के मुताबिक अभी क्वालकॉम बाजार की अग्रणी कंपनी है और इसकी बाजार हिस्सेदारी 33.86 फीसदी है और यह सिर्फ ताइवान की चिप डिजाइन कंपनी मेडीटेक से आगे है, जिसकी बाजार हिस्सेदारी 33.3 फीसदी है। लेकिन अमेरिकी कंपनी का उच्च कीमत वाली एलटीई प्रोसेसर बाजार में ज्यादा वर्चस्व है, जहां इसकी बाजार हिस्सेदारी 33.4 फीसदी है जबकि मेडीटेक की 10.6 फीसदी। रिलायंस जियो और अब एयरटेल के जोर से चूंकि भारतीय बाजार 4जी एलटीई की ओर तेजी से बढ़ रही है, लिहाजा ब्रॉडकॉम इस बाजार में आधिपत्य बनाए रख सकती है।
 
अभी बाजार में जियो के 14 करोड़ से ज्यादा एलटीई ग्राहक ऐसे बाजार में हैं, जहां 35 करोड़ से ज्यादा स्मार्टफोन ग्राहक हैं। दूरसंचार कंपनिायं 50 करोड़ से ज्यादा फीचर फोन ग्राहकों (जो 2जी का इस्तेमाल कर रहे हैं) को 4जी एलटीई की ओर खींचने की कोशिश कर रही है, लिहाजा 4जी एलटीई से लैस और ऐप्लिकेशन की दरकार बढ़ रही है, ऐसे में यह समीकरण नाटकीय रूप से बदल सकता है।
 
विश्लेषकों के मुताबिक, वीवो और श्याओमी को मजबूत आपूर्ति की बदौलत क्वालकॉम अपने कारोबार के विस्तार में सक्षम हुई है, जिसने इस देश में काफी बढ़त देखी है। माना जाता है कि जियो का फीचर फोन क्वालकॉम के उपकरणों से लैस होगा। जियो ऐसे करोड़ो फोन बेचने की उम्मीद कर रही है। अभी हालांकि ब्रॉडकॉम इस बाजार में महत्वपूर्ण कंपनी नहीं है, वहीं क्वालकॉम व मेडीटेक के अलावा अन्य तीन कंपनियां हैं स्प्रेडट्रम, सैमसंग और ऐपल।
 
इस कहानी का दोहराव वैश्विक बाजार में भी हुआ है, जहां क्वालकॉम व मेडीटेक का संघर्ष अग्रणी स्थिति में पहुंचने के लिए है और मोबाइल उपकरण के बाजार में क्वालकॉम काफी आगे है। इसके बाद ऐपल, स्प्रेडट्रम और सैमसंग हैं। ब्रॉडकॉम भारत में शोध व विकास मजबूत कर सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी भारत पर भारी दांव लगा रही है और वायरलेस नेटवर्क व वीडियो टेक्नोलॉजिज के शोध व विकास में 1,500 से ज्यादा लोग काम कर रहे हैं। कंपनी ने कहा है कि अमेरिका से बाहर भारत इसके सबसे बड़े शोध व विकास केंद्र में से एक है।
 
दूसरी ओर क्वालकॉम के पास देश में शोध व विकास में अहम मौजूदगी है। कंपनी ने डिजाइन पहल के विस्तार पर 85 लाख डॉलर का निवेश किया है, जिसमें हैदराबाद व बेंगलूरु में लैब की फंडिंग शामिल है। क्वालकॉम का स्नैपड्रैगन प्रोसेसर का इस्तेमाल सभी अग्रणी मोबाइल उपकरण कंपनियां मसलन मोटोरोला, वनप्लस, रेडमी व लेनोवो आदि कर रही हैं।
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