कतर फाउंडेशन की बिकवाली से टूटा एयरटेल

समी मोडक | मुंबई Nov 08, 2017 09:47 PM IST

भारती एयरटेल का शेयर बुधवार को 3.7 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ क्योंकि कतर फाउंडेशन ने इस कंपनी की 5 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर 6.7 फीसदी तक टूटकर 480 रुपये का रह गया था। शेयर में हालांकि बाद में सुधार हुआ और यह 3.7 फीसदी की गिरावट के साथ 495 रुपये पर बंद हुआ।  कतर फाउंडेशन से संबद्ध थ्री पिलर्स ने कंपनी की पूरी यानी 5 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी, जो 9,500 करोड़ रुपये यानी 1.45 अरब डॉलर की रही। ब्लॉक डील की कीमत 473 रुपये से 480 रुपये प्रति शेयर तय की गई थी, जो मंगलवार के बंद भाव 514 रुपये के मुकाबले 4.7 फीसदी से 8 फीसदी तक कम है। फाउंडेशन ने भारती एयरटेल के शेयर मई 2013 में 340 रुपये प्रति शेयर के भाव पर खरीदे थे। यूबीएस ग्रुप ने शेयर बिक्री के लिए निवेश बैंकर की भूमिका निभाई।
 
जापान की दायची सैंक्यो की तरफ से अप्रैल 2015 में सन फार्मा के 3.2 अरब डॉलर की शेयर बिक्री के बाद देसी बाजार में यह दूसरी सबसे बड़ी ब्लॉक डील थी। पिछले हफ्ते प्रवर्तक भारती टेलीकॉम ने भारती एयरटेल में अपनी हिस्सेदारी 4.62 फीसदी बढ़ाकर 50.1 फीसदी पर पहुंचा दी थी। इसने विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक इंडियन कॉन्टिनेंट इन्वेस्टमेंट से करीब 9,600 करोड़ रुपये में हिस्सेदारी खरीदी।
 
विदेशी निवेश की कर रही बिकवाली
 
अपनी अर्थव्यवस्था व बैंंकिंग व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए कतर को अपनी कुछ विदेशी परिसंपत्तियां अपने देश में लगानी है क्योंकि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और बहरीन ने 5 जून को कूटनीतिक गठजोड़ समाप्त कर दिया और जमा रकम निकाल ली। इन्होंने इस देश पर आतंकवाद की फंडिंग का आरोप लगाया है। कतर लगातार इस आरोप से इनकार करता रहा है।
 
देश के 320 अरब डॉलर वाले सॉवरिन वेल्थ फंड कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी ने क्रेडिट सुइस ग्रुप एजी, रोसनेफ्ट पीजेएससी और टिफएनी ऐंड कंपनी में हाल के महीने में प्रत्यक्ष हिस्सेदारी घटाई है। कतर ने जून के बाद से कुछ अधिग्रहण भी किए हैं, जिसमें कतर एयरवेज की 9.6 फीसदी हिस्सेदारी हॉन्ग-कॉन्ग की कैथे पैसिफिक एयरवेज से 66.2 करोड़ डॉलर में खरीदने का मामला शामिल है।
 
कुडनकुलम संयंत्र के लिए आर-इन्फ्रा को मिला ऑर्डर
 
रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (आर-इन्फ्रा) तमिलनाडु के कुडनकुलम नाभिकीय संयंत्र के लिए 1,000 करोड़ रुपये के अनुबंध में सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के तौर पर उभरी है। ईपीसी कंपनियों मसलन लार्सन ऐंड टुब्रो, टाटा प्रोजेक्ट्स, बीजीआर और बीएचईएल इस अनुबंध की दौड़ में थी, जिसे न्यूक्लियर पावर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने जारी किया था। ईपीसी अनुबंध तमिलनाडु के तिरुनेलवेली जिले की तीसरी व चौथी यूनिट के डिजाइन, इंजीनियरिंग, खरीद, विनिर्माण, आपूर्ति, टेस्टिंग व इसे चालू करने से संबंधित है। यह बोली इस हफ्ते  खोली गई। एक सूत्र ने यह जानकारी दी।
 
मुथूट फाइनैंस का शुद्ध लाभ बढ़ा 
 
सोने के बदले कर्ज उपलब्ध कराने वाली मुथूट फाइनैंस का चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में एकल शुद्ध लाभ 53 फीसदी बढ़कर 454 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ 297 करोड़ रुपये रहा था। मुथूट फाइनेंस ने अपने बयान में कहा कि कुल बिक्री 1,386 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,670 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। हालांकि, बैंक की गैर-निष्पादित अस्तियां (एनपीए) में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है। बैंक का सकल एनपीए उसके सकल ऋण का 4.56 फीसदी रहा, जो कि पिछले साल सिंतबर तिमाही में 2.19 फीसदी रही थी। बैंक का शुद्ध एनपीए उसके शुद्ध ऋण का 3.99 फीसदी रहा, जो पिछले साल समान अवधि में 1.82 फीसदी रहा था।  
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