आइडिया : सुस्त तिमाही, टावर के कम मूल्यांकन से निराशा

राम प्रसाद साहू | मुंबई Nov 13, 2017 09:41 PM IST

सितंबर तिमाही के निराशाजनक नतीजे और एकल टावर की बिक्री अनुमान से कम कीमत पर करने के चलते आइडिया का शेयर कारोबार में 3.6 फीसदी टूट गया। कंपनी ने सोमवार को ऐलान किया कि उसने पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक आइडिया सेल्युलर इन्फ्रास्ट्रक्चर सर्विसेस का करीब 10,000 टावरों का पोर्टफोलियो एटीसी टेलिकॉम इन्फ्रास्ट्रक्चर को 4,000 करोड़ रुपये की एंटरप्राइज वैल्यू पर बेच दिया। यह हालांकि टावर परिसंपत्ति बेचने की कंपनी की रणनीति के अनुरूप है और इससे शुद्ध कर्ज घटाने में मदद मिलेगी, जो सितंबर में 54,000 करोड़ रुपये था। लेकिन इस सौदे की कीमत 1 अरब डॉलर के अनुमान से कम है, जो विश्लेषकों ने लगाया था।
 
विश्लेषकों ने टावर पोर्टफोलियो के लिए उच्च कीमत (70 लाख रुपये प्रति टावर से ज्यादा) का अनुमान जताया था। अनुमान से 40 फीसदी कम कीमत का मतलब यह है कि एटीसी को 40 लाख रुपये प्रति टावर के हिसाब से ये टावर मिल रहे हैं। यह टावर सौदों की कीमत से भी कम है जो एटीसी ने व्योम की 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने पर किया था, जिसका मूल्यांकन 50 लाख रुपये प्रति टावर रहा था। इसके बावजूद उच्च कर्ज को देखते हुए यह सौदा आने वाले समय में इसके एकल कर्ज में कमी लाने में मदद करेगा। वोडाफोन भी अपने एकल टावर एटीसी को 3,850 करोड़ रुपये में बेच रही है और इस तरह से सौदे की कुल कीमत 7,850 करोड़ रुपये हो गई।
 
परिचालन के मोर्चे पर पिछली तीन तिमाहियों में कीमत के बढ़ते दबाव की प्रवृत्ति जारी रही और उच्च अप्रत्यक्ष कर की दर ने कमजोर तिमाही को और मुश्किल बना दिया। जीएसटी की 18 फीसदी दर ने कर का बोझ बढ़ा दिया। तिमाही में खास तौर से आइडिया ने राजस्व पर दबाव का सामना किया क्योंकि दूसरी कंपनियों के मुकाबले इसके पास ग्रामीण ग्राहक ज्यादा हैं।
 
वॉयस से मिलने वाली कीमत क्रमिक तौर पर 10 फीसदी घटकर 22 पैसे रहने और डेटा से कीमतें घटकर 2.7 पैसे प्रति एमबी मिलने के चलते राजस्व करीब 9 फीसदी फिसलकर 7,465 करोड़ रुपये रह गया। वॉयस का वॉल्यूम 1.7 फीसदी बढ़कर 255 अरब मिनट हो गया। उधर डेटा वॉल्यूम में जून तिमाही के मुकाबले 73.5 फीसदी की मजबूत बढ़त दर्ज हुई। यह एयरटेल की 65 फीसदी की बढ़त के मुकाबले ज्यादा है।
 
हालांकि एयरटेल ने 14 लाख ग्राहक तिमाही में जोड़े जबकि आइडिया ने करीब 60 लाख ग्राहक गंवा दिए। भारती का एआरपीयू साल दर साल के हिसाब से 6 फीसदी घटकर 145 रुपये रहा, वहीं आइडिया का एआरपीयू 6.4 फीसदी घटकर 132 रुपये रहा। घटते राजस्व, उच्च परिचालन लागत और कर्मचारी लागत के चलते परिचालन लाभ 20 फीसदी टूटकर 1,501 करोड़ रुपये रह गया। मार्जिन भी जून तिमाही के मुकाबले करीब 300 आधार अंक टूटकर 20.1 फीसदी रह गया।
कीवर्ड telecom, दूरसंचार trai, idea,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक