विदेशी निवेशकों का आईपीओ पर ज्यादा दांव

बीएस संवाददाता | मुंबई Nov 14, 2017 09:47 PM IST

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने प्राथमिक बाजार में करीब 10 अरब डॉलर का निवेश किया है, जो पिछले सात सालों का उच्चस्तर है। हालांकि द्वितीयक बाजार की बात करें को कहानी अलग है और यहां एफपीआई ने करीब 3.4 अरब डॉलर की बिकवाली की है। इसके चलते इस साल 6 अरब डॉलर का उनका कुल शुद्ध निवेश मोटे तौर पर प्राथमिक बाजार में उनके निवेश का नतीजा है। अक्टूबर 2017 तक प्राथमिक बाजार में 20 अरब डॉलर की प्रतिभूतियां जारी हुई, जो अब तक सर्वोच्च आंकड़ा है। यह आंकड़ा एडलवाइस ऑल्टरनेट रिसर्च से मिला। 
 
कैलेंडर वर्ष 2015 की शुरुआत के बाद से अब तक एफपीआई ने द्वितीयक बाजार में 7.73 अरब डॉलर की बिकवाली की है जबकि प्राथमिक बाजार में 19.9 अरब डॉलर का निवेश किया है। एडलवाइस के नोट में कहा गया है, प्राथमिक बाजार में निवेश के अस्थायी आंकड़ों ने भारतीय इक्विटी बाजार में एफपीआई की तरफ से हुए निवेश को फीका कर दिया है। एफपीआई का जोर लगातार बिकवाली पर है।
 
बीएसई आईपीओ इंडेक्स इस साल करीब 40 फीसदी उछला है, जो बेंचमार्क सेंसेक्स की 24 फीसदी की बढ़ोतरी के मुकाबले ज्यादा है। एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ के इश्यू में दो दर्ज से ज्यादा विदेशी फंडों की भागीदारी रही और इनमें फिडेलिटी, फस्र्ट स्टेट, कुवैत इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर और अबु धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी शामिल है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफॉर्निया, कारनेज फंड और सैनफोर्ड सी बर्नस्टेन फंड जैसे नए फंडों ने भी हालिया आईपीओ में निवेश किया है। प्राथमिक बाजार के जरिए इस कैलेंडर वर्ष में 1.35 लाख करोड़ रुपये जुटाए गए, जिसमें से 70,000 करोड़ रुपये आईपीओ से और करीब 42,000 करोड़ रुपये पात्र संस्थागत नियोजन से जुटाए गए।
 
दिलचस्प रूप से देसी संस्थागत निवेशकों (म्युचुअल फंड को छोड़कर) ने भी इस साल 3.5 अरब डॉलर के शेयर बेचे हैं। देसी संस्थागत निवेशकों में बीमा कंपनियां शामिल हैं, जो विदेशी निवेशकों के अलावा भारतीय शेयर बाजार को आगे बढ़ाने में अहम हैं। विगत में भारतीय जीवन बीमा निगम जैसी कंपनियों ने भारी गिरावट से बाजार को आगे बढ़ाने में मदद की है। दूसरी ओर, म्युचुअल फंडों ने इस साल द्वितीयक बाजार में करीब 15 अरब डॉलर का निवेश किया है। साल 2016 और 2015 मेंं इन्होंने क्रमश: 7 अरब डॉलर और 11 अरब डॉलर निवेश किया था।
 
म्युचुअल फंडों के पास 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इक्विटी फंड है, जो लगातार बाजार को दिशा दे रहा है। इन्होंने पिछले दो सालों में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया है, जो विदेशी संस्थागत निवेशकों के 66,000 करोड़ रुपये के निवेश के मुकाबले दोगुने से ज्यादा है। मॉर्गन स्टैनली की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय संस्थागत निवेशकों के पास जून 2017 के आखिर में 40.7 फीसदी मालिकाना हक था, जो अब तक का सर्वोच्च स्तर है। दूसरी ओर प्रवर्तकों की होल्डिंग 45.6 फीसदी है, जो मार्च 2001 के बाद का निचला स्तर है।
कीवर्ड share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक