को-लोकेशन मामले में एनएसई ने सौंपी ऑडिट रिपोर्ट

बीएस संवाददाता | मुंबई Nov 14, 2017 09:48 PM IST

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज ने मंगलवार को दो अलग-अलग ऑडिट रिपोर्ट बाजार नियामक सेबी को सौंप दी। यह रिपोर्ट ईऐंडवाई और इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस हैदराबाद ने तैयार की है, जो को-लोकेशन से जुड़ी है। एक्सचेंज ने एक बयान में कहा कि सेबी इसकी समीक्षा करेगा। इस साल एनएसई ने ईऐंडवाई को एक्सचेंज के नकद, करेंसी डेरिवेटिव और ब्याज दर वायदा बाजार का ऑडिट करने के लिए नियुक्त किया था। ऑडिट यह तय करने के लिए किया गया कि क्या यहां भी इक्विटी डेरिवेटिव क्षेत्र की तरह गड़बड़ी हो सकती है।
 
आईएसबी का अध्ययन यह तय करने के लिए हुआ कि क्या डेलॉयट रिपोर्ट में नामित सदस्यों की तरफ से सर्वर पर पहले लॉगिंग किए जाने से असामान्य मुनाफा अर्जित किया गया। एनएसई ने इस रिपोर्ट के नतीजे पर टिप्पणी करने से मना कर दिया। डेलॉयट ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि दिल्ली की ब्रोकरेज फर्म ओपीजी सिक्योरिटीज लगातार एक्सचेंज के ट्रेडिंग सिस्टम पर अन्य कारोबारी सदस्यों से पहले लॉगिंग में सक्षम थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह एक्सेस एनएसई की टीम की जानकारी के बिना मुमकिन नहीं हो सकता।
 
सूत्रों ने कहा कि आज सौंपे गए ऑडिट रिपोर्ट के नतीजों से सेबी को एनएसई की सहमति याचिका पर फैसला लेने में मदद मिलेगी, जो इसने को-लोकेशन मामले के निपटान के लिए दाखिल की थी। डेलॉयट की तरफ से रिपोर्ट सौंपे जाने के तुरंत बाद बाजार नियामक ने नकदी व करेंसी में ऑडिट की बात कही थी। डेलॉयट और सेबी की आंतरिक खोज के आधार पर नियामक ने एनएसई व इसके 14 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जो को-लोकेशन में कथित अनियमितता से संबंधित था।
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