एफपीआई निवेश में होगी बढ़ोतरी

ऐश्ली कुटिन्हो | मुंबई Nov 17, 2017 09:56 PM IST

मूडीज द्वारा भारत की सॉवरिन रेटिंग में सुधार किए जाने से भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का निवेश प्रवाह बढऩे की उम्मीद है। हो सकता है कि उसमें मामूली वृद्धि दिखे लेकिन भारतीय बॉन्ड की मांग में तेजी जरूर आएगी। ऋण बाजार में आगे चलकर प्रतिफल में नरमी से मौजूदा एफपीआई निवेशकों को फायदा होगा। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय ऋण बाजार में इस साल 22 अरब से अधिक का निवेश किया है जबकि इक्विटी बाजार में एफपीआई का कुल निवेश करीब 8 अरब डॉलर रहा है। एफपीआई निवेश प्रवाह में ताइवान, मैक्सिको, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों की हिस्सेदारी भारत के मुकाबले कहीं अधिक है।
 
एचएसबीसी ऐसेट मैनेजमेंट के सीआईओ तुषार प्रधान ने कहा, 'भारतीय बॉन्ड इस साल मामूली प्रतिफल और रुपये में तेजी के कारण आकर्षक रहा रहा है। इन दोनों कारणों से बॉन्ड मूल्य में उल्लेखनीय बढ़त दर्ज की गई है। इसके अलावा मूडीज द्वारा भारत की सॉवरिन रेटिंग में सुधार किए जाने से आगे चलकर भारतीय बॉन्ड की मांग में केवल तेजी आएगी। ऋण पत्रों के मौजूदा निवेशकों को भी प्रतिफल में नरमी का फायदा होगा।'
 
वर्तमान राजनैतिक नेतृत्व में विश्वास जताते हुए मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विसेज ने शुक्रवार को भारत की सॉवरिन रेटिंग्स को निम्नतम निवेश श्रेणी से एक पायदान ऊपर कर दिया। रेटिंग में सुधार के प्रमुख कारणों में विमुद्रीकरण, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किए जाने और बैंकों की डूबती परिसंपत्तियों की समस्या से निपटने के लिए उठाए गए कदमों के अलावा अन्य सुधारों का उल्लेख किया गया है।
 
डाल्टन कैपिटल एडवाइजर्स (इंडिया) के प्रबंध निदेशक यूआर भट ने कहा, 'चूंकि भारत आधिकारिक तौर पर अंतरराष्टï्रीय बाजार से उधारी नहीं लेता है, इसलिए सरकार की उधारी पर इसका प्रभाव सीमित होगा। हालांकि कॉरपोरेट उधारकर्ताओं को इससे फायदा होगा क्योंकि ईबीबी से ब्याज लागत पर असर पड़ता है।' दस वर्षीय सरकारी बॉन्ड पर प्रतिफल शुक्रवार को घटकर 7.049 फीसदी हो गया जो एक दिन पहले 7.062 फीसदी रहा था।
 
रेटिंग में सुधार होने से निवेशकों के विश्वास को बल मिलने की उम्मीद है और इससे तमाम वैश्विक फंड मैनेजर देश के शेयर बाजार को निवेश के लिए अनुकूल जगह करार देंगे। एडलवाइस सिक्योरिटीज के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्याधिकारी विकास खेमानी ने कहा, 'रेटिंग में इस सुधार से भारत उन विदेशी निवेशकों के सामने करीब पहुंचेगा जो एक निश्चित रेटिंग से कम पर निवेश नहीं करना चाहते हैं।'
 
हालांकि 30 शेयरों पर आधारित बंबई स्टॉक एक्सचेंज का बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स आज इस खबर के बाद 400 अंक से अधिक उछल गया लेकिन बाद में 236 अंक अथवा 0.71 फीसदी की बढ़त के साथ 33,342 अंक पर बंद हुआ। इससे बाजार पर नजर रखने वाले उन लोगों की बात सही लग रही है कि रेटिंग में सुधार का असर शेयर बाजार पर सीमित रह सकता है।
 
भारत में यूबीएस के अनुसंधान प्रमुख गौतम छौछडिय़ा ने कहा, 'पिछले कुछ समय से भारत के वृहत आर्थिक परिदृश्य में स्थिरता का असर शेयर बाजार पर दिख रहा है और ऋण एवं प्रतिफल में उसकी झलक मिली है। रेटिंग में सुधार से धारणा मजबूत होगी लेकिन हम कंपनियों के लिए पूंजी लागत अथवा विदेशी निवेशकों के निवेश प्रवाह में कोई खास बदलाव की उम्मीद नहीं करते हैं।'
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