उच्च कर के डर से फिसले जीवन बीमा कंपनियों के शेयर

पवन बुरुगुला | मुंबई Nov 23, 2017 10:00 PM IST

बीमा कंपनियों के शेयर गुरुवार को इस चिंता से फिसल गए कि उच्च कर उनके लाभ व मूल्यांकन को प्रभावित कर सकता है। वित्त मंत्रालय की तरफ से प्रत्यक्ष कराधान पर दोबारा नजर डालने के लिए कार्यबल के गठन के बाद यह डर फैला। एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस का शेयर सबसे ज्यादा 5.4 फीसदी टूट गया, जो शुक्रवार को सूचीबद्धता के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ और एसबीआई लाइफ का शेयर 4-4 फीसदी फिसल गया।
 
साल 2009 की प्रत्यक्ष कर संहिता में जीवन बीमा कंपनियों पर कर कंपनी कर की दर के हिसाब से रखने का प्रस्ताव किया गया था। बीमा कंपनियां अभी 14.3 फीसदी आयकर देती हैं, वहीं कंपनियों को 25 फीसदी कर देना होता है। बाजार को डर है कि अगर नवगठित कार्यबल इस सिफारिश को मान लेता है तो बीमा कंपनियों पर इसका विपरीत असर पड़ेगा। विश्लेषकों ने कहा कि इस फैसले का जीवन बीमा कंपनियों के एम्बेडेड वैल्यू पर असर पड़ सकता है, जिससे उनका मार्जिन प्रभावित होगा। बीमा कंपनियों के मूल्यांकन के लिए एम्बेडेड वैल्यू अहम मानक है और यह भविष्य के मुनाफे की मौजूदा वैल्यू व समायोजित शुद्ध संपत्ति की वैल्यू होती है।
 
कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के मुताबिक, अग्रणी बीमा कंपनियों का एम्बेडेड वैल्यू नौ फीसदी तक घट सकता है, लिहाजा उनके नए कारोबार की वैल्यू 17 फीसदी तक क्षरित हो सकती है। ब्रोकरेज ने एक नोट में कहा, इंश्योरेंस एक्चुअरीज और हमारे अनुमान अभी 14.3 फीसदी की कर की दर के हिसाब से हैं। कर की दर में बढ़ोतरी का एम्बेडेड वैल्यू पर एकबारगी का असर होगा। बाजार के विशेषज्ञों ने कहा कि कर की अनिश्चितता का बीमा कंपनियों के शेयरों पर अल्पावधि में असर बना रह सकता है।
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