10,000 रुपये के करीब पहुंचेगा मारुति सुजूकी का शेयर !

पुनीत वाधवा | नई दिल्ली Nov 27, 2017 09:44 PM IST

इस कैलेंडर वर्ष में 60 फीसदी की शानदार तेजी और एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स व एसऐंडपी बीएसई ऑटो इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन (इसमें इस अवधि में 26 फीसदी व 25 फीसदी की तेजी आई है) के चलते क्या मारुति सुजूकी अगले एक साल में पांच अंकों यानी 10,000 के स्तर पर पहुंच सकती है? नोमूरा के विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह शेयर 10,000 का स्तर न भी तोड़े तो भी यह इसके आसपास पहुंच सकती है। अभी एनएसई पर यह 52 हफ्ते के उच्चस्तर के आसपास कारोबार कर रहा है।
 
साल 2018 में वैश्विक वाहन कंपनियों के परिदृश्य पर नोमूरा की ताजा रिपोर्ट में मारुति सुजूकी के शेयर की लक्षित कीमत 9,843 रुपये रखी गई है (मौजूदा स्तर से 17 फीसदी ज्यादा)। साथ ही इसे साल 2018 के लिए अग्रणी वाहन कंपनियों चीन की बीवाईडी व अमेरिका मुख्यालय वाली टेस्ला व टोयोटा के साथ इसे खरीद की सूची में प्राथमिकता दी गई है। नोमूरा के विश्लेषक कपिल सिंह ने रिपोर्ट में कहा है, नए मॉडलों की मजबूत मांग, प्रीमियम वाहन का फायदा और ठीक-ठाक नकदी सृजन प्रमुख सकारात्मक पहलू हैं, जो मारुति सुजूकी को वाहन क्षेत्र में खरीद के लिहाज से अग्रणी शेयर बनाता है।
 
भारत का यात्री वाहन बाजार ढांचागत बढ़त के चक्र के मध्य में है और यह अगले 5-10 साल में 12-14 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि के हिसाब से बढ़ सकता है। इसके अलावा नोमूरा का मानना है कि जीडीपी की रप्तार 6-7 फीसदी रहेगी। जीडीपी में बढ़त से नए वाहनों की बिक्री अगले कुछ सालों में 12-14 फीसदी सीएजीआर के हिसाब से बढ़ सकती है। दोपहिया के क्षेत्र में नोमूरा का मानना है कि इसकी बढ़त की रफ्तार अगले 5-10 सालों में 10 फीसदी सीएजीआर रहेगी। हालांकि स्कूटर की बढ़त की रफ्तार 15-20 फीसदी रह सकती है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में इसे पसंद किया जा रहा है और कामकाजी महिलाओं की संख्या बढ़ रही है। मध्यम व भारी वाणिज्यिक वाहनों की रफ्तार 15 फीसदी बनी रह सकती है क्योंकि ओवरलोडिंग पर पाबंदी लगी है व औद्योगिक गतिविधियां सुधर रही हैं।
 
सिंह ने लिखा है, भारत में वाहनों का मालिकाना हक वित्त वर्ष 2017 के आखिर तक प्रति हजार 28 फीसदी था, जो चीन, दक्षिण कोरिया और जापान में विगत में देखा गया था। इन देशों में वाहन के मालिकों की संख्या में बढ़ोतरी ने जीडीपी में खासा योगदान किया है, जो अभी हम भारत में देख रहे हैं। हाल में मारुति ने टोयोटा के तकनीकी सहयोग के जरिए साल 2020 तक इलेक्ट्रिक वाहन उतारने का इरादा जताया है। जापानी पैरेंट के साथ समझौते के तहत मारुति पहले से ही भारत मेंं सुजूकी की तरफ से निर्मित गैसोलीन-डीजल कारों की सोर्सिंग कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी साणंद में अपनी उत्पादन क्षमता में बड़ा विस्तार कर रही है ताकि साल 2020 की मांग पूरी कर सके।
 
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक व प्रबंध निदेशक जी चोकालिंगम ने कहा, पिछले कुछ सालों से अपनी बाजार हिस्सेदारी बनाए रखकर कंपनी ने हर किसी को गलत साबित किया है। यह येन मुद्रा के जोखिम के प्रभावी प्रबंधन में भी सक्षम है। लंबी अवधि में मारुति के लिए क्षमता विस्तार बेहतर काम आएगी क्योंकि बहुत ज्यादा खर्च किए बिना ही यह काफी कुछ कर पाएगी। मुझे लगता है कि यह शेयर अगले कुछ सालों में 10,000 रुपये के स्तर को छू सकता है।
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