अयोग्य ठहराए गए निदेशकों को दोबारा नियुक्त करना चाहती है एमटेक ऑटो

एन सुंदरेश सुब्रमण्यन | नई दिल्ली Nov 28, 2017 09:58 PM IST

दिवालिया प्रक्रिया के लिए चुनी गई कंपनियों में शामिल एमटेक ऑटो ने ऐसे व्यक्तियोंं को दोबारा निदेशक नियुक्त करने का प्रस्ताव किया है जिन्हें कंपनी मामलों के मंत्रालय ने अयोग्य ठहराया था। इस बाबत एक प्रस्ताव 30 नवंबर को होने वाली सालाना आम बैठक में शेयरधारकों से मंजूरी लेने के लिए आ रहा है। अरविंद धाम और गौतम मल्होत्रा को एमटेक निदेशक नियुक्त करना चाहती है, जिन्हें एमसीए ने कुछ अन्य कंपनियों मसलन शिवानी हॉर्टिकल्चर, किंग्स फुटवियर और क्वॉलिटी पब्लिसिटी में गैर-अनुपालन के चलते अयोग्य ठहराया था। ये कंपनियां अपने वित्तीय विवरण जमा कराने में नाकाम रही हैं। एमसीए की तरफ से अयोग्य ठहराया जाना पांच साल के लिए लागू होता है और इन्हें निदेशक का पद छोडऩा होता है।
 
प्रॉक्सी एडवाइजरी फर्म स्टेकहोल्डर्स एम्पावरमेंट सर्विसेज ने शेयरधारकों से कंपनी के तरफ से प्रस्तावित यह प्रस्ताव व अन्य प्रस्तावों के खिलाफ मतदान की सलाह दी है, जिनमें अंकेक्षकों की नियुक्ति, संबंधित पक्षकार के बीच लेनदेन की मंजूरी आदि शामिल है। इस बारे में जानकारी के लिए कंपनी को भेजे गए ईमेल का कोई जवाब नहीं मिला। सांविधिक अंकेक्षकों ने एमटेक के एकल व एकीकृत खाते पर टिप्पणी की है। इसके मुताबिक आठ सहायकों के वित्तीय विवरण अनंकेक्षित बने हुए हैं, जिसमें कुल परिसंपत्तियां 6,916.12 करोड़ रुपये प्रतिबिंबित हो रही है। इसके अलावा अंकेक्षकों ने कहा है कि टिप्पणी के आधार पर हुई चर्चा का कंपनी व समूह पर विपरीत असर पड़ सकता है। 
 
प्रॉक्सी फर्म ने एक रिपोर्ट में कहा, हालांकि कंपनी ने कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 134 के तहत जरूरी प्रासंगिक टिप्पणी उपलब्ध नहींं कराई है। इसके अलावा अंकेक्षण समिति के स्वतंत्र सदस्य को कंपनी अधिनियम की धारा 164 के तहत निदेशक बनने के अयोग्य ठहराया गया है। ऐसी चिंता के बाद एसईएस शेयरधारकों को इस प्रस्ताव के खिलाफ मतदान की सिफारिश करती है।
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