मिडकैप में 19,000 करोड़ रु. निवेश करेंगे एमएफ

पवन बुरुगुला | मुंबई Dec 01, 2017 09:43 PM IST

मिडकैप शेयरों में अगले तीन महीने में देसी म्युचुअल फंड 19,000 करोड़ रुपये का निवेश कर सकते हैं। बाजार नियामक सेबी की तरफ से म्युचुअल फंड योजनाओं के वर्गीकरण के चलते ऐसा देखने को मिलेगा। अक्टूबर में बाजार नियामक ने म्युचुअल फंड योजनाओं के वर्र्गीकरण पर परिपत्र जारी किया था, जिसमें पहली बार इसने स्पष्ट रूप से लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप में शामिल होने वाली कंपनियों को पारिभाषित किया था। इसके अलावा इसने इक्विटी योजनाओं के तहत प्रमुख श्रेणियों के लिए संपत्ति आवंटन के नए नियम तय किए हैं।
 
सीएलएसए के भारतीय रणनीतिकार महेश नंदूरकर ने कहा, प्रमुख निष्कर्ष यह है कि इन शर्तों से अगले तीन महीने में लार्जकैप व स्मॉलकैप की कीमत पर मिडकैप शेयरों में 19,000 करोड़ रुपये की खरीदारी होगी। ब्रोकरेज के विश्लेषण के मुताबिक, एक को छोड़कर सभी मिडकैप योजनाएं नए नियम का अनुपालन नहीं कर रही है और उन्हें अपने पोर्टफोलियो में फेरबदल करना होगा। इन योजनाओं के तहत कुल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां 71,700 करोड़ रुपये की है। 
 
नए नियम के मुताबिक, मिडकैप योजनाओं के तहत कुल परिसंपत्तियों का कम से कम 65 फीसदी मिडकैप क्षेत्र में होना चाहिए। लार्जकैप योजनाओं के लिए कम से कम 80 फीसदी परिसंपत्तियां ब्लूचिप शेयरों में होनी चाहिए। नंदूरकर ने कहा, शुद्ध इक्विटी एयूएम का 44 फीसदी (जिसमें लार्ज, मिड व स्मॉलकैप फंड होते हैं) इस बदलाव से प्रभावित होगा। नए नियम का अनुपालन करने के लिए मिडकैप फंडों को मिडकैप शेयरों में 19,300 करोड़ रुपये की अतिरिक्त खरीदारी करनी होगी। दूसरी ओर, लार्जकैप योजनाओं को 3,500 करोड़ रुपये की नई खरीद करनी होगी।
 
सीएलएसए ने कहा, गोदरेज प्रॉपर्टीज, एस्ट्रल, जुबिलैंट फूड्स, अरविंद और क्रॉम्पटन कंज्यूमर कुछ मिडकैप शेयर हैं, जिसे इक्विटी फंड मैनेजर की तरफ से किए गए बदलाव का तत्काल फायदा मिल सकता है। ब्रोकरेज ने कहा, जीएसके कंज्यूमर, टॉरेंट फार्मा, ओबेरॉय रियल्टी, एबी फैशंस व वरुण को भी इससे फायदा मिल सकता है, जिस पर हमने पहले ही खरीद की रेटिंग दी है।
 
अब फंड हाउस को बाजार नियामक ने छह श्रेणियों मसलन इक्विटी, डेट, हाइब्रिड, सॉल्युशन ऑरियंटेड व अन्य के नाम से योजनाएं पेश करने को कहा है। सेबी ने यह तय करने का फॉर्मूला भी दिया है कि कौन से शेयर किस श्रेणी में आएंगे। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से 100 अग्रणी शेयर लार्जकैप माने जाएंगे जबकि 101 से 250 को मिडकैप माना जाएगा। बाकी स्मॉलकैप कहलाएंगे।
 
उद्योग की एसोसिएशन एम्फी को छमाही आधार पर हर श्रेणी के शेयरों की सूची को अपडेट करने का काम दिया गया है यानी एक बार जून मेंं और दूसरी बार दिसंबर में। फंड हाउस को अपना पोर्टफोलियो दोबारा बनाने के लिए एक महीने का समय मिलेगा।
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