कलिंगनगर के लिए लौह अयस्क की आपूर्ति में मजबूती लाएगी टाटा स्टील

जयजित दास | भुवनेश्वर Dec 26, 2017 09:55 PM IST

टाटा स्टील के निदेशक मंडल की तरफ से कलिंगनगर स्टील संयंत्र की अंतिम क्षमता 80 लाख टन सालाना तय किए जाने के बाद कंपनी बढ़ी जरूरतों के लिए कच्चे माल यानी लौह अयस्क की आपूर्ति मजबूत कर रही है। उत्पादन क्षमता 30 लाख टन सालाना से 80 लाख टन सालाना किए जाने पर टाटा स्टील पर 23,500 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। परियोजना की रूपरेखा व लागत में कच्चे माल के लिए क्षमता विस्तार, अपस्ट्रीम व मिडस्ट्रीम सुविधा, बुनियादी ढांचा और कोल्ड रोलिंग मिल कॉम्पलेक्स में निवेश शामिल है।

 
खंडबांध स्थित टाटा स्टील का कैप्टिव लौह अयस्क खदान पूरी तरह से कलिंगनगर स्टील परियोजना को समर्पित किया जाएगा। खंडबांध खदान की क्षमता 10 लाख टन सालाना से दो साल में 20 लाख टन सालाना करने के लिए कंपनी 2400 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। टाटा स्टील के सूत्रों ने कहा, खंडबांध लौह अयस्क खदान की क्षमता विस्तार के लिए हमें जल्द ही राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी मिलने की संभावना है। खंडबांध खदान के अलावा जोडा पूर्व और नोआमुंडी स्थित हमारे कैप्टिव खदान से भी कलिंगनगर की जरूरतें पूरी की जाएंगी।
 
80 लाख टन की क्षमता पर पहुंचने के बाद कलिंगनगर संयंत्र को सालाना 1.36 करोड़ टन कच्चे माल की दरकार होगी। टाटा स्टील ओडिशा सरकार की तरफ से होने वाली लौह अयस्क ब्लॉक की नीलामी में हिस्सा लेने पर विचार कर रही है। इससे पहले कंपनी ने ई-नीलामी में भाग लिया था, लेकिन कामयाब नहीं रही थी। ये ब्लॉक एस्सार स्टील, भूषण स्टील लिमिटेड और भूषण पावर ऐंड स्टील को मिले थे। इसके अलावा टाटा स्टील ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन के साथ लंबी अवधि का समझौता करने की संभावना भी तलाश रही है। ट्रायल के आधार पर स्टील निर्माता ने एक साल के लिए ओडिशा माइनिंग कॉरपोरेशन के साथ करार पर हस्ताक्षर किया है।
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