बेयर-मोनसैंटो सौदे की जांच के बीज

संजीव मुखर्जी और एजेंसियां | नई दिल्ली Jan 05, 2018 09:48 PM IST

भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने 66 अरब डॉलर के प्रस्तावित बेयर-मोनसैंटो सौदे की सार्वजनिक पड़ताल शुरू की है। सीसीआई ने प्रथम दृष्टया यह पाया है कि इस सौदे का प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। बेयर-मोनसैंटो सौदे से विश्व की सबसे बड़ी बीज एवं कीटनाशक कंपनी बनेगी।  सीसीआई किसी भी सौदे पर जनता की राय तब मांगता है, जब उसे प्रथम दृष्टया यह लगता है कि विलय का प्रतिस्पर्धा पर प्रतिकूल असर पड़ा है या पड़ सकता है।  इससे पहले सीसीआई ने रेनबैक्सी-सन फार्मा और होलसिम-लाफार्ज विलय सौदों के मामले में ऐसी ही सार्वजनिक पड़ताल शुरू की थी। सीसीआई ने एक सार्वजनिक नोटिस में कहा कि बेयर-मोनसैंटो सौदे के बारे में राय सीसीआई को 15 दिन के भीतर भेजी जाएं। इसके साथ ऐसे दस्तावेज भी संलग्न किए जाने चाहिए, जो यह साबित करें कि यह विलय कैसे संबंधित व्यक्ति या कंपनी पर प्रतिकूल असर डालेगा। 
 
इसने कहा, 'आयोग के निराधार आपत्तियों पर विचार नहीं करने के आसार हैं।' बेयर ने एक बयान में कहा कि इस फॉर्म का अधिग्र्रहण करने वाली कंपनी की वेबसाइट पर प्रकाशन भारत में दूसरे चरण की जांच का एक नियमित हिस्सा है और यह किसी भी तरह प्रस्तावित विलय के असर का फैसला नहीं है।  बेयर सीसीआई को पूरी तरह सहयोग कर रही है, जबकि मोनसैंटो ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। बेयर-मोनसैंटो सौदे की घोषणा सितंबर, 2016 में की गई थी। दोनों ही कंपनियों की भारत में अच्छी मौजूदगी है। 
 
बेयर और मोनसैंटो ने 14 सितंबर, 2016 को स्थायी करार और विलय की योजना पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके मुताबिक मोनसैंटो की पूरी हिस्सेदारी बेयर अधिग्रहीत करेगी। बेयर क्रॉपसाइंस के शेयरों की कीमत 14 सितंबर को 3,937.4 रुपये प्रति शेयर थी, जबकि गुरुवार को कंपनी के शेयर 4,569.6 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए।  मोनसैंटो इंडिया लिमिटेड के मामले में मोनसैंटो की इस भारतीय सूचीबद्ध कंपनी के शेयरों की कीमत 16 सितंबर, 2017 को 2,329.3 रुपये प्रति शेयर थी, जबकि इसका शेयर गुरुवार को 2,499.4 रुपये पर बंद हुआ। इस प्रस्तावित विलय से मोनसैंटो, बेयर की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन जाएगी। बेयर की दवा, फसल विज्ञान, कंज्यूमर हेल्थ और पशु स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में मौजूदगी है और इन सभी खंडों के तहत व्यापक उत्पाद हैं। मोनसैंटो कृषि तकनीक कंपनी है, जो फसल एवं सब्जियों के बीजों, खरपतवारनाशी रसायनों का उत्पादन करती है। 
 
बेयर द्वारा अक्टूबर, 2016 में सीसीआई के समक्ष पेश किए गए नोटिस के मुताबिक 'इस प्रस्तावित विलय से इन उत्पादों में प्रतिस्पर्धा को लेकर कोई चिंता पैदा नहीं होगी।' नोटिस के मुताबिक भारत में दोनों कंपनियों की सब्जियों के बीजों, कपास के बीजीं और खरपतवारनाशी रसायनों के उत्पादन और बिक्री में मौजूदगी है। दोनों पक्षों का मानना है कि प्रस्तावित विलय से प्रतिस्पर्धा की चिंताएं नहीं बढ़ेंगी।  बेयर के मुताबिक, 'दोनों पक्षों की एक-दूसरे के पूरक उद्यमों में मौजूदगी है और प्रस्तावित विलय का मकसद दोनों की इस पूरकता का लाभ उठाना है।' बेयर को उम्मीद है कि प्रस्तावित विलय इस साल की शुरुआत में संपन्न हो जाएगा। 
 
कीवर्ड monsanto, seeds, CCI,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक