एफडीआई की उम्मीद में बाजार नई ऊंचाई पर

पवन बुरुगुला | मुंबई Jan 18, 2018 09:49 PM IST

शेयर बाजारों में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन जबरदस्त तेजी का दौर रहा और वे रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। सेंसेक्स ने जहां 35,000 का आंकड़ा पार किया वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी पहली बार 10,500 के ऊपर पहुंच गया। सरकार के बैंकिंग क्षेत्र में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाकर 100 फीसदी करने की उम्मीद में  बैंकिंग शेयरों में लगातार दूसरे दिन लिवाली का सिलसिला जारी रहा। इससे पहले बुधवार को सरकार के अतिरिक्त उधारी को 50,000 करोड़ रुपये से घटाकर 20,000 करोड़ रुपये करने के फैसले से बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों ने उड़ान भरी थी।
 
कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 425 अंकों की बढ़त हासिल की लेकिन अंतत: वह 178.5 अंकों यानी 0.5 फीसदी की बढ़त के साथ 35,260 पर बंद हुआ। निफ्टी 28.5 अंक यानी 0.26 फीसदी की बढ़त के साथ 10,817 पर बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि कारोबार के अंतिम घंटे में निवेशकों ने मुनाफा काटा जिससे शेयर बाजारों को लाभ सिमट गया। अलबत्ता वृहद बाजार में व्यापक नुकसान हुआ। बीएसई मिड और स्मॉल कैप सूचकांकों में क्रमश: 1.6 फीसदी और 2 फीसदी की गिरावट आई। कुल मिलाकर बाजार की चाल नकारात्मक रही और तीन से शेयरों में गिरावट के साथ एक शेयर में बढ़ोतरी हुई। सेंसेक्स की बढ़त में एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी, कोटक महिंद्रा बैंक और आईसीआईसीआई बैंक का योगदान 186 अंक रहा। एफडीआई बढऩे से शेयरों की कीमतें बढऩे की उम्मीद में इन कंपनियों के शेयर एक फीसदी से 2.2 फीसदी तक बढ़े।
 
एचडीएफसी बैंक का बाजार मूल्यांकन पहली बार बुधवार को 5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा था। पिछले एक साल से बाजार की तेजी में बैंकिंग शेयरों की अग्रणी भूमिका है और 2017 में बीएसई में बैंकिंग क्षेत्र का सूचकांक करीब 40 फीसदी बढ़ा। विश्लेषकों का मानना है कि बैंकों खासकर निजी क्षेत्र के बैंकों के शेयरों का प्रदर्शन मध्यावधि में अच्छा रहेगा।  डाल्टन कैपिटल एडवाइजर्स के प्रबंध निदेशक यू आर भट्टï ने कहा, 'हाल में दिनों में निजी बैंकों के शेयरों में बहुत तेजी आई है और इस रुझान के अगली कुछ तिमाहियों में बरकरार रहने की संभावना है। निजी क्षेत्रों में विकास की ऊंची संभावनाएं हैं और उनके फंसे कर्ज (एनपीए) की राशि भी कम है। निजी बैंकों के शेयर अगली 3-4 तिमाहियों तक बढ़त जारी रख सकते हैं क्योंकि सरकारी क्षेत्र के बैंकों को एनपीए की समस्या से जूझना पड़ रहा है। हालांकि दूसरी ओर निजी बैंकों का मूल्यांकन काफी अधिक लग रहा है।'
 
शेयर बाजारों के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने शुद्घ रूप से कुल 18.94 अरब रुपये के शेयर खरीद जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 6.6 अरब रुपये के शेयर बेचे। बाजार के जानकारों को उम्मीद है कि भारतीय बाजारों में उछाल निकट भविष्य में जारी रहेगा लेकिन आम बजट में घोषित होने वाली नीतियों और कंपनियों की कमाई से बाजार की आगे की राह तय होगी। सेंट्रम वेल्थ मैनेजमेंट ने एक नोट में निवेशकों को बताया कि सभी बाजार सूचकांक सकारात्मक दिख रहे हैं। अलबत्ता अगर कंपनियों की कमाई उम्मीदों के मुताबिक नहीं रही तो इक्विटी की स्थिति कमजोर होगी। भारतीय कंपनी जगत अभी कारोबारी चक्र के करीब नहीं पहुंचा है लेकिन 2018 में यह स्थिति बदल सकती है।  
कीवर्ड FDI, share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक