बाजार नियामक सेबी खोलेगा गंभीर उल्लंघन पर सहमति का दरवाजा

पवन बुरुगुला | मुंबई Jan 22, 2018 09:51 PM IST

बाजार नियामक सेबी मामलों की संख्या घटाने के लिए सहमति की व्यवस्था का दायरा बढ़ा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, नियामक की योजना गंभीर उल्लंघन मसलन इनसाइडर ट्रेडिंग, फ्रंट रनिंग या धोखाधड़ी व अनुचित व्यवहार का निपटान इस व्यवस्था के तहत किए जाने की अनुमति देने की है। सूत्रोंं ने कहा, निपटान व्यवस्था के तहत रकम तय करने का फॉर्मूला भी सेबी दोबारा देखेगा। सेबी का मौजूदा फॉर्मूला दिक्कत भरा है, जो इस प्रक्रिया को अस्पष्ट बनाता है। निपटान शुल्क तय करने की खातिर नियामक साधारण फॉर्मूले पर काम कर रहा है। सूत्रों ने कहा, सहमति निपटान का नया ढांचा करीब दो महीने में सामने आएगा। 
 
पिछली बोर्ड बैठक में सेबी के प्रमुख ने मौजूदा नियम में बदलाव की जरूरत महसूस की थी। तब सेबी प्रमुख अजय त्यागी ने कहा था, हम सहमति से निपटान के नियमों पर दोबारा नजर डाल रहे हैं और कुछ नियमों को दोबारा लिखना शुरू कर दिया है। यह कदम ऐसे समय में देखने को मिला है जब सेबी कई लंबित मामलों से जूझ रहा है। सेबी की वित्त वर्ष 2017 की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, नियामक के पास 7,000 से ज्यादा मामले लंबित हैं। सहमति की व्यवस्था एक प्रक्रिया है जहां गलत करने वाला यानी उल्लंघन करने वाला सेबी के साथ मामले का निपटान गलती स्वीकार कर या इसे स्वीकार किए बिना निपटा सकता है। इस निपटान में दंडात्मक कार्रवाई शामिल होती है, जो शुल्क के तौर पर, बाजार में प्रवेश पर पाबंदी या दोनों हो सकती है। ऐसे मामलोंं में बड़ी संख्या गंभीर उल्लंघन मसलन इनसाइडर ट्रेडिंग आदि से जुड़ा है, जहां मौजूदा ढांचे के तहत सहमति का दरवाजा बंद है। हालांकि उनमें से कई मामलों में निवेशकों को हुआ नुकसान या क्षति काफी कम है। नया ढांचा ऐसे ही मामलों के निपटान को आगे बढ़ाएगा।
 
एक सूत्र ने कहा, हर तरह के उल्लंघन के लिए सहमति की व्यवस्था खोले जाने से सेबी को मामलों का बोझ घटाने में मदद मिलेगी। कई मामले ऐसे हैं जहां अनुचित लाभ 15 लाख रुपये से भी कम का है। हालांकि वैधानिक सीमा के चलते सेबी इसके निपटान में सक्षम नहीं है। गंभीर उल्लंघन को सहमति की व्यवस्था के दायरे में लाना सेबी के लिए विवादास्पद मसला रहा है। सेबी ने पहली बार साल 2007 में सहमति व्यवस्था के जरिए निपटान का परिपत्र जारी किया।
 
कीवर्ड sebi, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी),

  
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