पुनर्खरीद कीमत से आगे आईटी दिग्गज

दीपक कोरगांवकर और पुनीत वाधवा | मुंबई/नई दिल्ली Jan 24, 2018 09:55 PM IST

हालिया शेयर पुनर्खरीद पेशकश में सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयर बेचने वाले निवेशक मौजूदा तेजी का फायदा नहीं उठा पाए क्योंकि ये शेयर अभी अपनी-अपनी पुनर्खरीद कीमत के मुकाबले ज्यादा कीमत पर कारोबार कर रहे हैं। टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, इन्फोसिस, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजिज, माइंडट्री और डनलॉ टेक्नोलॉजिज के शेयर अपनी-अपनी पुनर्खरीद कीमत के मुकाबले 45 फीसदी तक चढ़े हैं। इन सातों कंपनियों ने प्रवर्तक समेत शेयरधारकों से करीब 43,900 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।

 
ज्यादातर कंपनियों ने पुनर्खरीद का ऐलान पिछले एक साल में किया था क्योंकि इनके शेयरों का प्रदर्शन बाजार के मुकाबले ठीक नहीं था। इसके अलावा कंपनियों ने शेयरधारिता के अनुपात में शेयरधारकों को ईनाम देना चाहा, ताकि शेयरधारकों का कुल रिटर्न ज्यादा हो। सामान्य तौर पर पुनर्खरीद की पेशकश इक्विटी शेयरों का आधार घटाकर रिटर्न ऑन इक्विटी और प्रति शेयर आय में सुधार के लिए की जाती है। साल 2017 में आईटी क्षेत्र का प्रदर्शन बाजार के मुकाबले कमजोर रहा क्योंकि राजस्व में बढ़त की रफ्तार सुस्त थी। साथ ही विश्लेषकों का यह भी कहना है कि कारोबार में निवेश और मजबूत रुपये ने मार्जिन पर नियंत्रण रखा। सौदे व खर्च के इरादे पर प्रबंधन की टिप्पणी साल 2017 में ठीक-ठाक बनी रही, लेकिन यह सौदे में तब्दील नहीं हो पाया और इस तरह से बढ़त व शेयर के प्रदर्शन पर इसका असर पड़ा।
 
कैलेंडर वर्ष 2017 में निफ्टी आईटी इंडेक्स 12.2 फीसदी चढ़ा जबकि निफ्टी-50 में 28.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई। एसऐंडपी बीएसई आईटी इंडेक्स कैलेंडर वर्ष 2017 में 10.8 फीसदी चढ़ा और यह भी एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स के मुकाबले कमजोर रहा क्योंकि इसमें साल के दौरान 27.9 फीसदी की उछाल आई। इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक व प्रबंध निदेशक जी चोकालिंगम ने कहा, तेजी के बाजार में भी ज्यादातर आईटी शेयर काफी ज्यादा यानी 13-14 गुना पीई तक टूटे थे। ये शेयर अब सुधर रहे हैं और हमें इसके मौजूदा कीमत में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नजर नहीं आ रही है। हालांकि निवेशक इन्फोसिस और एचसीएल टेक्नोलॉजिज में बने रह सकते हैं, लेकिन मिडकैप आईटी शेयरों से उन्हें बाहर निकल जाना चाहिए।
 
वैयक्तिक शेयरों की बात करें तो टीसीएस ने शुक्रवार को बीएसई पर 3,255 रुपये की नई ऊंचाई को छू लिया था और अभी यह अपनी पुनर्खरीद कीमत 2,850 रुपये के मुकाबले करीब 14 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। मई 2017 में कंपनी ने 5.61 करोड़ शेयर करीब 16,000 करोड़ रुपये में खरीदे थे। इन्फोसिस ने 1,220 रुपये की नई ऊंचाई (52 हफ्ते) को छुआ और यह पुनर्खरीद कीमत 1,150 रुपये के मुकाबले 6 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है। इस शेयर ने 3 जून 2016 को कारोबार के दौरान 1,278 रुपये की सर्वोच्च ऊंचाई को छू लिया था और अभी इसी के आसपास कारोबार कर रहा है। इन्फोसिस ने 13,000 करोड़ रुपये में 11.3 करोड़ शेयरों की पुनर्खरीद की थी।
 
विश्लेषकों का कहना है कि आने वाले समय में आईटी खर्च में सुधार होगा और ये चीजें निवेशकों को इस शेयर पर दोबारा दांव लगाने के लिए प्रोत्साहित करेगा। उदाहरण के लिए कोटक इंस्टिट््यूशनल इक्विटीज के विश्लेषकों ने कहा है कि वित्त वर्ष 2019 में आईटी उद्योग की रफ्तार बढऩे की संभावना है। प्रमुख देशों की अर्थव्यवस्था में मजबूती, अमेरिका में कम बेरोजगारी, बढ़ता ब्याज दर और बैंकिंग क्षेत्र में आीटी खर्च के लिए अनुकूल माहौल आईटी क्षेत्र के लिए बेहतर रहेगा।
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