कम पूंजी मिलने से टूट गए बड़े सरकारी बैंकों के शेयर

बीएस संवाददाता | मुंबई Jan 25, 2018 10:04 PM IST

बड़े सरकारी बैंकों के शेयर गुरुवार को काफी ज्यादा टूट गए क्योंकि सरकार की तरफ से बैंकों की 88,000 करोड़ रुपये की पुनर्पूंजीकरण योजना ने निवेशकोंं को निराश किया। भारतीय स्टेट बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का शेयर 5-5 फीसदी टूट गया जबकि पंजाब नैशनल बैंक का शेयर सबसे ज्यादा 7.1 फीसदी फिसल गया। बैंक ऑफ बड़ौदा का शेयर छह फीसदी टूटा। इसकी तुलना में यूको बैंक व पंजाब ऐंड सिंघ बैंक समेत छोटे सरकारी बैंकों के शेयरों में लाभ दर्ज हुआ। बुधवार को पुनर्पूंजीकरण के ऐलान से पहले सरकारी बैंकों के शेयरों में उछाल दर्ज हुई थी।
 
केंद्र सरकार ने बुधवार को बहुप्रतीक्षित पूंजी आवंटन योजना का ऐलान किया था, जिसके तहत सरकार पुनर्पूंजीकरण बॉन्डों के जरिए 21 सरकारी बैंकों को कुल 88,000 करोड़ रुपये देगी। यह रकम 88,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त होगी, जो सरकार ने कुछ बैंकों को दी है। अलग से बैंकों ने क्यूआईपी व गैर-प्रमुख कारोबार की बिक्री से 120 अरब रुपये जुटाए हैं। इन सभी को मिला दें तो यह कुल नियोजित पुनर्पूंजीकरण 2.1 लाख करोड़ रुपये का 50 फीसदी बैठता है। जेफरीज ने एक नोट में कहा, हमारा मानना है कि यह बैंकिंग क्षेत्र के लिए कुल मिलाकर सकारात्मक है, लेकिन बाजार अनुमान के मुताबिक नहीं है। बाजार को अनुमान था कि बड़े और बेहतर बैंकों को ज्यादा पूंजी मिलेगी।
 
विश्लेषकों ने कहा कि यह आवंटन कमजोर बैंकों के हक में है और उन्हें ही इसका बेहतर फायदा मिलेगा क्योंकि यह उनके पूंजी पर्याप्तता अनुपात मेंं सुधार लाएगा और बिना कवर वाले गैर-निष्पादित कर्ज के लिए प्रावधान में मदद करेगा। मॉर्गन स्टैनली ने एक नोट में कहा, निवेशकों की लग रहा था कि ज्यादातर पूंजी बड़े बैंकों को मिल सकती है और छोटे बैंकों को कम बैंकों को जरूरत से कम पूंजी मिल सकती है। हालांकि सरकार ने ज्यादा पूंजी कमजोर बैंकों को आवंटित कर दी है। ब्रोकरेज ने कहा कि आईडीबीआई बैंक, यूको बैंक, देना बैंक व बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसे छोटे बैंकों के कॉमन इक्विटी टियर-1 अनुपात में 380 आधार अंक से लेकर 590 आधार अंक की बढ़ोतरती होगी। दूसरी ओर, एसबीआई के सीईटी-1 अनुपात में सिर्फ 40 आधार अंकों का सुधार होगा।
 
गुरुवार को निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स 5.24 फीसदी टूटकर 3,757.7 अंक पर टिका। इसकी तुलना में निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स एक फीसदी चढ़ा, वहीं बेंचमार्क निफ्टी इंडेक्स 0.15 फीसदी कमजोर बंद हुआ। अक्टूबर में जब केंद्र ने पुनर्पूंजीकरण योजना का खाका पेश किया था तब निफ्टी पीएसयू बैंक इंडेक्स एक दिन में 30 फीसदी चढ़कर 4,010 अंक पर पहुंच गया था। विश्लेषकों ने कहा कि कमजोर बैंकों को ज्यादा आवंटन जरूरी था क्योंंकि ज्यादातर फंसे कर्ज से जूझ रहे हैं और नए लेखा नियम के चलते उन्हें ज्यादा पूंजी की सख्त दरकार थी।
 
जेएम फाइनैंशियल ने एक नोट में कहा, आरबीआई के तुरंत सुधार वाले कदम के दायरे में आने वाले बैंकों ने आवंटन का 60 फीसदी हासिल किया है। हमारा मानना है कि एनसीएलटी के मामलों में उच्च कटौती की संभावना को देखते हुए यह कदम जरूरी था। एनसीएलटी के मामलों ने इन बैंकों का पूंजी पर्याप्तता अनुपात नियामकीय सीमा से नीचे ला दिया है और नए लेखा मानक की ओर बढऩा इनके लिए करीब-करीब असंभव हो गया है। कमजोर बैंकों को ज्यादा आवंटन के बावजूद विश्लेषक अभी भी बड़े बैंकों के पक्ष में हैं।
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