विवाद निपटाने को तैयार हैं उषा मार्टिन के राजीव झावर

ईशिता आयान दत्त और देव चटर्जी | कोलकाता/मुंबई Jan 30, 2018 09:48 PM IST

उषा मार्टिन में पारिवारिक झगड़े के निपटान का पहला धुंधला संकेत मिला है और प्रवर्तकों में से एक राजीव झावर ने कहा है कि वह विवाद निपटाने के लिए तैयार हैं। यहां प्रवर्तकों के दो धड़े हैं। एक तरफ बृज झावर और उनके बेटे राजीव झावर हैं जबकि बसंत झावर और उनके बेटे प्रशांत झावर दूसरी तरफ हैं। उषा मार्टिन में इनकी हिस्सेदारी बराबर-बराबर है और यह समूह की सबसे अहम इकाई है, जिसका कारोबार 36.05 अरब रुपये है। उषा मार्टिन में दोनों पक्षों की 25.5-25.5 फीसदी हिस्सेदारी है। हालांकि पारिवारिक विवाद निपटान में अन्य कंपनियां मसलन उषा मार्टिन एजुकेशन ऐंड सॉल्युशंस लिमिटेड, उषा ब्रेको, उषा कॉम और प्रभात खबर भी शामिल होंगी।

 
पारिवारिक झगड़े में उषा मार्टिन को नुकसान उठाना पड़ा, जो कुछ साल पहले शुरू हुआ था। यह उफान पर तब पहुंचा जब प्रशांत झावर को पिछले साल अप्रैल में उषा मार्टिन के गैर-कार्यकारी चेयरमैन पद से हटा दिया गया, इससे पहले बोर्ड ने इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया। इसके बाद प्रशांत झावर ने कलकत्ता उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की और नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल का दरवाजा भी खटखटाया। 18 अगस्त को एनसीएलटी ने आदेश जारी कर प्रवर्तक व प्रवर्तक इकाइयों को शेयरधारिता पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया। एनसीएलटी में इस मसले पर बुधवार को सुनवाई होनी है।
 
लेनदारों का प्रवर्तकों के साथ पहले से एक समझौता था कि वे 90 करोड़ रुपये की पूंजी लगाएंगे, 45 करोड़ रुपये राजीव झावर की तरफ से जबकि 45 करोड़ रुपये प्रशांत झावर की तरफ से। लेकिन एनसीएलटी का आदेश आने से यह संभव नहीं हो पाया। इक्विटी निवेश पर लेनदारों और प्रशांत झावर के बीच विवाद है। प्रशांत झावर के धड़े का दावा है कि राजीव झावर ने इक्विटी की प्रतिबद्धता जताई थी और वह और इक्विटी के लिए सहमत नहीं थे क्योंकि उन्हें भरोसा नहीं था कि फंड का इस्तेमाल कंपनी के सुधार में होगा।
 
राजीव झावर ने कहा, हम एनसीएलटी के आदेश के खिलाफ संघर्ष करेंगे, लेकिन हम पारिवारिक विवाद निपटाने के लिए भी तैयार हैं। हम निपटान के लिए हमेशा से तैयार हैें, लेकिन दूसरे पक्ष से ऐसी इच्छा नहींं देखने को मिली है। राजीव झावर ने कहा, अगर विवाद का निपटान होता है तो इसमें सभी कंपनियां शामिल होंगी। उषा ब्रेको में प्रशांत झावर अल्पांश शेयरधारक हैं, प्रभात खबर में राजीव झावर बहुलांश शेयरधारक हैं जबकि उषा मार्टिन में दोनों के पास बहुलांश हिस्सेदारी है। 15 दिसंबर 2017 को प्रधानमंत्री कार्यालय व वित्त मंत्रालय को लिखे पत्र में बसंत झावर ने राजीव झावर पर रकम दूसरी जगह ले जाने और विदेशी खाता होने का आरोप लगाया था। संस्थापक ने राजीव झावर के खिलाफ विस्तृत जांच की मांग की थी। कंपनी के खिलाफ विस्तृत जांच की मांग करते हुए झावर ने कहा था कि कंपनी का स्वतंत्र अंकेक्षण अनिवार्य है और विदेशी खाते में जमा कराई गई रकम वापस लाई जानी चाहिए ताकि 54 अरब रुपये का कर्ज चुकाया जा सके। उषा मार्टिन पर लंबी अवधि का 32 अरब रुपये का कर्ज है और कार्यशील पूंजी का कर्ज 5 अरब रुपये का है। उधर राजीव झावर ने कहा, ये आरोप ध्यान भटकाने के लिए लगाए गए हैं।
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