'दो साल में ट्रकों की मांग दमदार रहने के आसार'

शैली सेठ मोहिले | मुंबई Jan 31, 2018 09:48 PM IST

टाटा मोटर्स ने उम्मीद जताई है कि अगले दो साल के दौरान ट्रकों की जबरदस्त मांग बरकरार रहेगी। कंपनी का मानना है कि प्रमुख क्षेत्रों के प्रदर्शन में सुधार, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में तेजी और 2020 तक बीएस6 मानदंड को लागू करने से ट्रांसपोर्टरों की अग्रिम खरीद से ट्रकों की मांग बढ़ेगी। टाटा मोटर्स के प्रमुख (ट्रक कारोबार) गिरीश वाघ ने कहा कि भारत में ट्रकों की बिक्री आमतौर पर आर्थिक गतिविधियों पर निर्भर करती है। चालू वित्त वर्ष के पहले नौ में से आठ महीने के दौरान इसमें तेजी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर, पुणे और लखनऊ में टाटा मोटर्स के भारी ट्रकों की फैक्टरियां मार्च तक अधिकतम क्षमता के साथ परिचालन में होंगी। जबकि कंपनी के ट्रक संयंत्रों में सामान्य तौर पर वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही के दौरान अधिकतम क्षमता के साथ परिचालन किया जाता है। दूसरी और तीसरी तिमाही के दौरान इस प्रकार की व्यस्तता सामान्य घटना नहीं है। टाटा मोटर्स अपनी मौजूदा इकाइयों में उत्पादन बढ़ाने के लिए संयंत्रों की बाधाएं दूर करने की प्रक्रिया में है।
 
एस और प्राइमा ट्रक बनाने वाली इस कंपनी की पांचों इकाइयों में स्थापित क्षमता सालाना 7.5 लाख वाहनों के उत्पादन की है। इस बीच, जबरदस्त मांग को पूरा करने के लिए कंपनी आगामी दिल्ली ऑटो शो में 15 नए वाणिज्यिक वाहनों का अनावरण करने की योजना बना रही है। इसमें एक इलेक्ट्रिक बस और पूरी तरह नए प्लेटफॉर्म पर आधारित एक नया छोटा और भारी ट्रक शामिल हैं। वाघ ने कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पादों, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट एवं बिजली सहित प्रमुख क्षेत्रों और पीएमआई (पर्चेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) के आंकड़ों का उल्लेख किया। इन आठ प्रमुख क्षेत्रों का उत्पादन नवंबर में 6.8 फीसदी बढ़ गया जो 13 महीने का सर्वाधिक ऊंचा स्तर है। साथ ही अक्टूबर के मुकाबले इसमें 5 फसदी की वृद्धि दर्ज की गई जिसे औद्योगिक उत्पादन वृद्धि में सुधार होने के आसार दिख रहे हैं। टाटा मोटर्स को भारतीय कारोबार से होने वाली प्रत्येक 10 रुपये की कमाई में से 7 रुपये का योगदान उसके वाणिज्यिक वाहन कारोबार का है। वित्त वर्ष 2017 के अंत तक एमएचसीवी ट्रकों की बिक्री और बाजार हिस्सेदारी में गिरावट दर्ज की गई।
कीवर्ड tata motors, truck,

  
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