इस बाजार में क्या करें निवेशक?

बीएस संवाददाता | मुंबई Feb 04, 2018 09:46 PM IST

विशेषज्ञों ने कहा कि यह समय निवेशकों के लिए लंबी अवधि के लिए दांव लगाने का है और अपने परिसंपत्ति आवंटन पर ध्यान देने का। विशेषज्ञों ने कहा, स्मॉल व मिडकैप शेयर बुलबुले वाले क्षेत्र में प्रवेश कर चुके हैं और इनमें से आधे से ज्यादा एक साल आगे के आय गुणक के 20-25 गुने पर कारोबार कर रहे हैं। इक्विनॉमिक्स रिसर्च ऐंड एडवाइजरी के संस्थापक जी चोकालिंगम ने कहा, अभी बहुत देर नहीं हुई है। अगर मूल्यांकन पर असहजता हो तो मुनाफावसूली में परहेज न करें। बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स ने साल 2017 में 28 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की है। उस अवधि में बीएसई मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमश: 48 व 53 फीसदी की उछाल आई। कई मिडकैप व स्मॉलकैप योजनाएं 50 फीसदी से लेकर 70 फीसदी तक चढ़ी है।
 
चोकालिंगम ने कहा, मूल्यांकन के लिहाज से लार्जकैप ज्यादा सहजता प्रदान करते हैं। निवेशकों को कम से कम 50 फीसदी लार्जकैप में लगाना चाहिए, 30-35 फीसदी स्मॉल व मिडकैप में और 5-15 फीसदी नकद रखना चाहिए। दिसंबर तिमाही में आय के मोर्चे पर बड़ी निराशा अभी तक नहीं देखने को मिली है, विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों को आय के आंकड़ों पर गहराई से ध्यान देना चाहिए। येस सिक्योरिटीज के सीईओ प्रशांत प्रभाकरन ने कहा, तय स्टॉप लॉस रखें और कमजोर प्रदर्शन करने वालों से बाहर निकलें। साथ ही उनसे भी बाहर निकल जाएं जिसने आय के मोर्चे पर लगातार निराश किया हो। 
 
एमके ग्लोबल फाइनैंशियल के कारोबारी प्रमुख राहुल रेगे ने कहा, सक्रिय पोर्टफोलियो वाले निवेशक 25-30 फीसदी नकदी में तब्दील कर सकते हैं। अगर उनका कदम गलत साबित हो तब भी वे बाजार में बाकी 75 फीसदी के साथ बने रह सकते हैं। अगर बाजार टूटता है तो उनका नुकसान कम हो जाएगा। रेगे का मानना है कि निवेशक उनमें निवेशित रह सकते हैं जो अगले कुछ सालों में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। जोखिम-इनाम का विश्लेषण करें। अगर मूल्यांकन ठीक नजर आए तो इन शेयरों को गिरावट पर खरीदें।
 
31 मार्च तक अगले कुछ हफ्ते निवेशकोंं की तरफ से मुनाफावसूली हो सकती है, जो 10 फीसदी लंबी अवधि का पूंजीगत लाभ कर बचाना चाहते हैं। निवेशकों को हालांकि सिर्फ कर पर विचार नहींं करना चाहिए बल्कि बिक्री के फैसले का आधार शेयर की लंबी अवधि की क्षमता को बनाना चाहिए। मशहूर निवेशक बसंत माहेश्वरी ने एक ट्वीट में कहा, एलटीसीजी के साथ आगे बढऩे का एकमात्र रास्ता उच्च गुणवत्ता वाले शेयर की खरीद है जिसे आपको सालों तक बेचने की जरूरत न पड़े। अगर आप किसी शेयर को तीन साल तक रखते हैं तो आपको तीसरे साल एलटीसीजी देना होगा, जो आपको चक्रवृद्धि का फायदा देगा, हालांकि पहले बेचने पर यह कर भुगतान में चला जाएगा।
 
इक्विटी योजनाओं में लाभांश का विकल्प चुनने वालों को 1 अप्रैल से ग्रोथ वाले विकल्प के 10.4 फीसदी के मुकाबले 11.6 फीसदी की प्रभावी दर से कर चुकाना होगा। ऐसे में जिन्होंने एक साल पूरा कर लिया है वे 31 मार्च तक ग्रोथ वाले विकल्प की ओर चले जाएं।
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