एफआईआई की बिकवाली से बाजार में फिसलन जारी

बीएस संवाददाता | मुंबई Feb 05, 2018 10:05 PM IST

भारतीय व वैश्विक बाजार में सोमवार को गिरावट जारी रही क्योंकि अमेरिकी बॉन्ड का प्रतिफल चार साल के उच्च स्तर को छूने के बाद निवेशकों की जोखिम लेने की इच्छा जाती रही। अमेरिकी बॉन्ड के प्रतिफल से कयास लगाया जाने लगा कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में तेजी से बढ़ोतरी करेगा। बेंचमार्क सेंसेक्स 309.6 अंक टूटकर 34,757 अंक पर आ गया, जो 16 जनवरी के बाद का निचला स्तर है। शुक्रवार से अब तक सेंसेक्स 1150 अंक गंवा चुका है, जो नवंबर 2016 के बाद दो दिन की सबसे तेज बिकवाली है जब सरकार ने बड़े नोटों पर पाबंदी लगा दी थी। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 545 अंक तक टूट चुका था, लेकिन बाद में देसी निवेशकों की खरीदारी के चलते कुछ सुधार हुआ। निफ्टी 94 अंक टूटकर 10,667 अंक पर टिका, जो 11 जनवरी के बाद का निचला स्तर है। ज्यादातर एशियाई व यूरोपीय बाजार अमेरिकी बाजार में शुक्रवार की तीव्र गिरावट के बाद एक फीसदी से ज्यादा टूटे।
 
बाजार के हालिया उतारचढ़ाव की वजह विकसित बाजारों में बॉन्ड के बढ़ते प्रतिफल को माना जा रहा है, जो निवेशकों को अपने संपत्ति आवंटन को फिर से संतुलित करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। विशेषज्ञों ने कहा कि उच्च प्रतिफल से शेयर में निवेश जोखिम भरा व कम आकर्षक नजर आ रहा है और उच्च उधारी लागत के चलते आय में कमी देखने को मिल सकती है। 10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी नोट का प्रतिफल सोमवार को 2.9 फीसदी के आसपास रहा, जो पिछली बार जनवरी 2014 में देखा गया था। सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 12.6 अरब रुपये के शेयर बेचे, वहीं देसी निवेशकों ने 11.6 अरब रुपये की खरीदारी की।
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