पावर एक्सचेंज को नहीं बेचेगा एनएसई

श्रेया जय | नई दिल्ली Feb 22, 2018 09:53 PM IST

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) ने अपने बिजली खरीद प्लेटफॉर्म पावर एक्सचेंज इंडिया लिमिटेड (पीएक्सआईएल) की प्रस्तावित बिक्री को वापस लेने का फैसला किया है। यह फैसला तब आया है, जब एनएसई ने पाया कि खरीदारों का एक कंसोर्टियम पीएक्सआईएल में हिस्सेदारी लेने को तैयार है। एनएसई ने नैशनल कमोडिटी ऐंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (एनसीडीईएक्स) के साथ जनवरी 2017 में घाटे में चल रही पीएक्सआईएल से छुटकारा पाने के पक्ष मेंं फैसला किया था एनएसई और एनसीडीईएक्स की कुल मिलाकर पीएक्सआईएल में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है। एनएसई इसकी इक्विटी के लिए आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की योजना बना रहा था।
 
एनएसई के प्रवक्ता ने ई मेल से भेजे गए जवाब में कहा है, 'इस समय पीएक्सआईएल के शेयरधारकों ने एक्सचेंज का कारोबारी परिचालन जारी रखने का फैसला किया है। साथ ही सभी मौजूदा शेयरधारक प्रतिबद्ध हैं और साथ मिलकर कारोबार को आगे बढ़ाने पर काम कर रहे हैं। इसके परिणाम स्वरूप कंपनी का चालू साल में कारोबार बढ़ा है।' प्रवक्ता ने यह बताने से इनकार किया कि कितना कारोबार हुआ है।  कुछ पहले की फाइलिंग के मुताबिक पीएक्सआईएल का मूल्यांकन 2,000 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया गया था। अधिकारियों ने कहा कि पावर ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म इंडिया एनर्जी एक्सचेंज (आईईएक्स) के अक्टूबर 2017 की तुलना में मूल्यांकन एनएसई के लिए एक अहम मसला था। आईईएक्स 1,600 रुपये प्रति शेयर के ऑफर मूल्य पर सूचीबद्ध हुई थी, जबकि पीएक्सआईएल का मूल्यांकन महज 3-5 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से हुआ। एक सूत्र ने कहा कि एनएसई बोर्ड का मानना था कि पीएक्सआईएल में बदलाव होना चाहिए और उसके बाद बेहतर मूल्य पर पेशकश होनी चाहिए। 
 
कोलकाता मुख्यालय वाले पावर ट्रेडिंग लाइसेंसधारकर एमपीएल सिस्टम्स बिजली कंपनियोंं और संस्थागत निवेशकों के एक कंसोर्टियम की अगुवाई कर रहा है, जो एनएसई से पीएक्सआईएल में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी लेने को इच्छुक है।  एनएसई और एनसीडीईएक्स के अलावा पीएक्सआईएल के बोर्ड मेंं शामिल अन्य कंपनियों, जीएमआर एनर्जी, टाटा पावर, जेएसडब्ल्यू एनर्जी और राज्य सरकार की 3 इकाइयां, पावर फाइनैंस कॉर्पोरेशन, गुजरात ऊर्जा विकास निगम और पश्चिम बंगाल राज्य बिजली वितरण कंपनी ने भी उस समय विनिवेश का फैसला किया था। सदस्य कंपनियों के सूत्रों ने कहा कि कंपनी में हिस्सेदारी लेने के इच्छुक कंसोर्टियम में से जीएमआर एनर्जी हट गई है। इस मामले से जुड़े एक सूत्र ने कहा, 'जीएमआर के सदस्यता छोडऩे केबाद उसका अक्षय ऊर्जा प्रमाणपत्र (आरईसी) थर्ड पार्टी चला रही है। इससे एक्सचेंज की बिक्री पर असर पड़ा। अब एनएसई की हिस्सेदारी की बिक्री भी नहींं हो रही है।' जीएमआर एनर्जी के प्रवक्ता ने इस सिलसिले में बात के लिए फोन किए जाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। 
 
आईईएक्स देश में एकमात्र अन्य बिजली खरीद प्लेटफॉर्म है। पीएक्सआईएल की इस बाजार में सिर्फ 2 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जिसका औसत रोजाना कारोबार 30 लाख यूनिट के करीब है। बहरहाल आरईसी बाजार में इसकी हिस्सेदारी 2015-16 मेंं बढ़कर 49 प्रतिशत हो गई थी, जो एक साल पहले 23 प्रतिशत थी।  2015-16 में पीआईएक्सएल का नुकसान बढ़कर 24.5 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 18.1 करोड़ रुपये था। पीएक्सआईएल में पावर ट्रेडिंग वॉल्यूम नहीं के बराबर है। 
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