निफ्टी-50 में शामिल होंगी तीन कंपनियां

पुनीत वाधवा | नई दिल्ली Mar 22, 2018 09:21 PM IST

अंबुजा सीमेंट, अरविंदो फार्मा व बॉश 2 अप्रैल से ग्रासिम इंडस्ट्रीज, टाइटन और बजाज फिनसर्व के लिए निफ्टी-50 सूचकांक में शामिल होने के लिए राह बनाएंगी। विश्लेषकों ने कहा, कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी, एनबीएफसी और सीमेंट क्षेत्र का भारांक निफ्टी-50 सूचकांक में 82 आधार अंक, 61 आधार अंक और 60 आधार अंक बढ़ेगा। दूसरी ओर, इन कंपनियों की निकासी से वाहन, दवा व निजी क्षेत्र के बैंकों का भारांक निफ्टी-50 में क्रमश: 55 आधार अंक, 47 आधार अंक व 34 आधार अंक घट जाएगा। इसके अतिरिक्त वित्तीय कंपनियों की संख्या बढ़कर 11 हो जाएगी और उनका भारांक 36.4 फीसदी से बढ़कर 36.6 फीसदी हो जाएगा।
 
वित्त वर्ष 2011-16 के दौरान साइक्लिकल शेयरों का भारांक (आईटी, फार्मा व कंज्यूमर स्टेपल्स के अलावा अन्य क्षेत्र) 75 फीसदी से घटकर 67 फीसदी रह गया था क्योंकि इनका प्रदर्शन कमजोर रहा था और तीन साइक्लिकल शेयरों को अलग कर दिया गया था। अप्रैल 2018 के बाद निफ्टी-15 में 39 साइक्लिकल स्टॉक का प्रतिनिधित्व होगा और उनका भारांक 77 फीसदी होगा, जो 2011 के बाद सबसे ज्यादा है। इस बदलाव से निफ्टी-50 के फंडामेंटल में काफी कम असर होगा। ये बातें एलारा कैपिटल के रवि मुत्थुकृष्णन व पंकज चौचडिय़ा ने एक रिपोर्ट में कही है। इसका एबिटा मार्जिन हालांकि अपरिवर्तित रहेगा (वित्त वर्ष 2019 में 16.9 फीसदी रहने का अनुमान और वित्त वर्ष 2020 में 17.6 फीसदी रहे का अनुमान) जबकि निफ्टी 2019 का ईपीएस (अनुमान) मामूली घटकर 567 रुपये से 567 रुपये पर आ जाएगा और वित्तवर्ष 2020 में ईपीएस अनुमान 676 रुपये से घटकर 674 रुपये रह जाएगा।  इसके अलावा उनका मानना है कि शुद्ध कर्ज-इक्विटी अनुपात मामूली बड़ेगा और रिटर्न ऑन इक्विटी में भी मामूली गिरावट आएगी।
 
किसी कैलेंडर वर्ष में अधिकतम पांच शेयर बदले जा सकते हैं और निफ्टी-50 में शामिल होने वाले शेयरों का फ्री-फ्लोट बाजार पूंजीकरण होना चाहिए, जो सूचकांक के छोटे घटक के मुकाबले कम से कम 1.5 गुना है। एलारा कैपिटल का मानना है कि आने वाले समय में एवेन्यू सुपरमाट्र्स व श्री सीमेंट को सितंबर 2018 में निफ्टी में शामिल किया जा सकता है और तब इसकी कीमत ल्यूपिन व भारती इन्फ्राटेल को चुकानी पड़ सकती है। सितंबर 2018 में होने वाले बदलाव से इंडेक्स में साइक्लिकल शेयरों का भारांक बढ़ेगा जबकि दूरसंचार व दवा क्षेत्र का भारांक घटेगा।
 
ऐसे में नए शेयरों के शामिल होने को देखते हुए क्या इसे खरीदा जाना चाहिए? एलारा कैपिटल ने कहा कि निफ्टी-50 में शामिल होने के बाद शेयरों के प्रदर्शन का विश्लेषण बताता है कि 24 में से 16 मामलों में इन शेयरों ने निफ्टी-50 में शामिल होने के दिन सकारात्मक रिटर्न दिया। हालांकि इसके बाद शेयरों के प्रदर्शन ने कोई स्पष्ट प्रवृत्ति नहीं दिखाई। इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक व प्रबंध निदेशक जी चोकालिंगम ने निवेशकों को सलाह दी है कि निवेश से पहले वे कंपनी के फंडामेंटल देखें, न कि निफ्टी-50 में शामिल होने के मामले को देखते हुए ऐसा करे। फंडामेंटल के आधार पर वे ग्रासिम को प्राथमिकता दे सकते हैं। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के विश्लेषक बजाज फिनसर्व को लेकर सकारात्मक हैं और 12 महीने के लिए इनका कीमत लक्ष्य 6,000 रुपये प्रति शेयर है।
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