सूचकांक से जुड़े बॉन्ड में दिख रही दिलचस्पी

अनूप रॉय | मुंबई Mar 29, 2018 10:07 PM IST

महंगाई दर सूचकांक बॉन्ड (इनफ्लेशन इंडेक्स्ड बॉन्ड) को फिर से पेश किए जाने की सरकार की योजना को लेकर इस बार दिलचस्पी बढ़ी है। हालांकि इसके पहले की कवायद कई वजहोंं से सफल नहीं रही थी।  हाल के एक मामले में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित बॉन्ड बाजार में असफल रहा था क्योंकि महंगाई दर में तेजी से गिरावट शुरू हो गई और भारतीय रिजर्व बैंक ने उपभोक्ता मूल्य आधारित सूचकांक (सीपीआई) से जुड़े सूचकांक को नीति निर्माण में स्वीकार कर लिया।  सरकार को 2013 में इसे जारी करने के दो साल के भीतर 66 अरब रुपये के बॉन्ड वापस लेने पड़े। इन बॉन्डों की मूल मेच्योरिटी 10 साल की थी।
 
सरकार ने 1997 में पूंजीगत सूचकांक बॉन्ड पेश किया था। जैसा कि नाम से ही पता चलता है कि पूंजी पर संरक्षण था, न कि ब्याज पर। डब्ल्यूपीआई बॉन्डों मेंं महंगाई दर से ब्याज को भी संरक्षण था। नई शृंखला में डब्ल्यूपीआई बॉन्ड में सुधार हो सकता है, जिसमें निवेशकोंं की सुरक्षा का स्तर बेहतर होगा।  बॉन्ड में डब्ल्यूपीआई की मौजूदा स्थिति के ऊपर 1.44 प्रतिशत सालाना कूपन की पेशकश की गई थी। लेकिन 2014 में डब्ल्यूपीआई महंगाई दर नकारात्मक हो गई और यह 15 महीने तक जारी रही। इससे बॉन्ड धारकों ने जिस लाभ की उम्मीद की थी, वह खत्म हो गई। अब सरकार का कहना है कि 2.88 लाख करोड़ रुपये की पहली छमाही की उधारी योजना का 10 प्रतिशत सीपीआई सूचकांक बॉन्डों और फ्लोटिंग रेट बॉन्डों के माध्यम से जुटाया जाएगा। इससे बॉन्ड निवेशकों के समयावधि आधारित जोखिम में कमी आएगी, वहीं ऐसा माना जा रहा है कि बैंक ऐसे बॉन्ड खरीदने में रुचि लेंगे। 
 
एयू स्माल फाइनैंस बैंक के प्रमुख (असेट लाइबिलिटी मैनेजमेंट) के प्रमुख देवेंद्र दास ने कहा, 'इन बॉन्डों का मूल्यांकन कठिन है, कूपन कम हो सकता है और इसकी खरीदारी में भी समस्या है।' अब रिजर्व बैंक ने सीपीआई महंगाई दर को निशाना बनाया है और इस बात को लेकर प्रतिबद्धता जताई है कि खुदरा महंगाई दर को अधिकतम 6 प्रतिशत रखा जाएगा। अब तक यह साफ नहीं है कि इन बॉन्डों लिए कितना कूपन रखा जाएगा, लेकिन पिछले अनुभव से पता चलता है कि यह 1.5 प्रतिशत से ऊपर महंगाई दर पर लागू होगा और ब्याज दरें बढऩे के साथ यह 1.5 प्रतिशत से ऊपर की महंगाई दर न्यूनतम हो सकी है, जब ब्याज दरें बढ़ रही हैं। 
 
सेन ऐंड ऑप्टे कंसल्टिंग के सलाहकार और पार्टनर जयदीप सेन ने कहा, 'लेकिन खुदरा निवेशकों के लिए बॉन्ड एक बेहतर निवेश हो सकता है, अगर उत्पादन पर्याप्त मात्रा में बनाया जाए।' सेन ने कहा कि सेवानिवृत्त लगों के लिए यह उत्पाद आदर्श हो सकता है। अगर सरकार महंगाई दर को उच्चतम स्तर से नीचे रखने में कामयाब हो जाती है तो वरिष्ठ नागरिकों के अन्य निवेशकों की तुलना में यह ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।  
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