किन शेयरों से मिला राकेश झुनझुनवाला को सहारा

दीपक कोरगांवकर और पुनीत वाधवा | मुंबई/नई दिल्ली Apr 03, 2018 09:33 PM IST

टाइटन कंपनी के शेयर में जनवरी-मार्च तिमाही में 10 फीसदी की बढ़ोतरी ने राकेश झुनझुनवाला को बाजार से बेहतर प्रदर्शन करने में मदद की क्योंकि उनकी हैसियत एक फीसदी से भी कम गिरी जबकि एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स में तीन फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। 28 मार्च 2018 को राकेश झुनझुनवाला और उनके परिवार की संयुक्त हैसियत 130.21 अरब रुपये रही, जो 31 दिसंबर 2017 के आखिर में रही 131.30 अरब रुपये के मुकाबले 0.8 फीसदी यानी 1.09 अरब रुपये कम है।

 
ये आंकड़े विभिन्न कंपनियों में इस परिवार के निवेश पर आधारित हैं, जहां उनकी कुल हिस्सेदारी एक फीसदी से ज्यादा है। यह जानकारी अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के आंकड़ों पर आधारित है, जिसे कैपिटालाइनप्लस डेटाबेस ने मुहैया कराया है। वैयक्तिक शेयरों की बात करें तो टाइटन कंपनी ने राकेश झुनझुनवाला व उनके परिवार की हैसियत को पिछली तिमाही में 6.39 अरब रुपये से बढ़ा दिया। इनके पास कंपनी की 8.02 फीसदी हिस्सेदारी है, जिसकी कुल कीमत 70.61 अरब रुपये बैठती है, जो साल के शुरू में 64.22 अरब रुपये थी।
 
वित्त वर्ष 2018 की चौथी तिमाही में इस शेयर ने 10 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की और बुधवार को बीएसई पर 941 रुपये पर बंद होने से पहले 963 रुपये की रिकॉर्ड ऊंचाई को छू लिया था। राकेश झुनझुनवाला और उनके परिवार ने अक्टूबर-दिसंबर 2017 की तिमाही में टाइटन कंपनी की हिस्सेदारी ें 0.39 फीसदी का इजाफा किया था। बीएसई के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। पिछले एक साल में यह शेयर 107 फीसदी चढ़ा है जबकि एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स में 12 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। विश्लेषकों को लगता है कि जीएसटी जैसे नीतिगत कदम से आने वाले समय में संगठित आभूषण कारोबारी कंपनियों के बीच टाइटन को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। रिलायंस सिक्योरिटीज के विश्लेषकों को लगता है कि टाइटन के राजस्व व आय में वित्त वर्ष 2017 से 2020 के दौरान क्रमश: 23 फीसदी व 30.4 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि की दर से बढ़ोतरी होगी।
 
फस्र्टसोर्स सॉल्यूशंस (30 फीसदी ऊपर), टीवी 18 ब्रॉडकास्ट (9 फीसदी), एस्कॉट्र्स (4 फीसदी) और क्रिसिल (0.4 फीसदी) राकेश झुनझुनवाला के पोर्टफोलियो में है और इन शेयरों ने भी बाजार से बेहतर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर इनके पोर्टफोलियो में शामिल दीवान हाउसिंग फाइनैंस, ल्यूपिन, फेडरल बैंक, डेल्टा कॉर्प, रैलिस इंडिया, एडलवाइस फाइनैंशियल सर्विसेज और करूर वैश्य बैंक के शेयर में 10 फीसदी से लेकर 20 फीसदी की गिरावट हुई है। इस बीच, अन्य मशहूर निवेशकों मसलन डॉली खन्ना, आशिष धवन और आशिष कचोलिया का प्रदर्शन बाजार से कमजोर रहा है और इनमें 7 से 18 फीसदी की कमी दर्ज हुई है क्योंकि तिमाही के दौरान मिडकैप व स्मॉलकैप के शेयरों में तेज गिरावट आई है। एसऐंडपी बीएसई मिडकैप और एसऐंडपी बीएसई स्मॉलकैप सूचकांकों में क्रमश: 10 फीसदी व 12 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई।
 
इक्विनॉमिक्स रिसर्च के संस्थापक व प्रबंध निदेशक जी चोकालिंगम ने कहा, राज्यों के चुनाव व आगामी आम चुनाव के चलते राजनीतिक अनिश्चितता, तेल की कीमतें व अन्य वैश्विक कारक अगले एक साल तक बाजार उतारचढ़ाव भरा रहेगा। इस पृष्ठभूमि में उनका मानना है कि लार्जकैप के मुकाबले मिडकैप व स्मॉलकैप का प्रदर्शन कमजोर रहेगा। चेन्नई की मशहूर निवेशक डॉली खन्ना की कुल हैसियत में 11 फीसदी की गिरावट आई है और यह मार्च तिमाही में 8.97 अरब रुपये से घटकर 8.01 अरब रुपये रह गया। उधर, वाई एम वी अब्दुल कादिर की हैसियत 20 फीसदी घटकर 8.75 अरब रुपये की रह गई। आशिष धवन और आशिष कचोलिया की हैसियत क्रमश: 18 फीसदी व 11 फीसदी घटी।
कीवर्ड share, market, sensex, बीएसई, कंपनी, शेयर,

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक