सेबी के डिफॉल्टरों में कई बड़े नाम

बीएस संवाददाता | मुंबई Apr 03, 2018 09:33 PM IST

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मंगलवार को उन डिफॉल्टरों की सूची जारी की है, जिन्होंने बाजार नियामक द्वारा लगाए गए जुर्माने का भुगतान नहीं किया है। सेबी ने विभिन्न सिक्योरिटी मानकों के उल्लंघन पर जुर्माने लगाए हैं। डिफाल्टरों की सूची में एसबीआई कैपिटल, ऐक्सिस कैपिटल, जीएमआर होल्डिंग्स, यूनाइटेड ब्रुअरीज, एलपिक फाइनैंस (सिप्ला समूह की इकाई), सारदा रियल्टी, यूनाइटेड बैंंक आफ इंडिया और ट्राइडेंट इंडिया प्रमुख बड़े नाम हैं। सेबी की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के मुताबिक 7 फरवरी को डिफॉल्टरों की कुल संख्या 2,183 है। इसमें कंपनियां व व्यक्तिगत चूककर्ता दोनों ही शामिल हैं, जिनके खिलाफ सेबी ने अधिनिर्णय आदेश जारी किया है। इनमें से कुछ मामले तो 1998 तक के हैं। लगाया गया जुर्माना 15,000 रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये तक है। 
 
निवेशकों की समस्याओंं के समाधान में असफल रहने, खुलासा मानकों के उल्लंघन, सामूहिक निवेश योजना मानक और भेदिया कारोबार मानक के उल्लंघन जैसे मामलों को लेकर इन इकाइयों पर जुर्माना लगाया गया है। कुछ मामलों में सेबी ने वसूली प्रक्रिया की पहल की है और बकाये की वसूली के लिए उनकी संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की है। बहरहाल सारदा रियल्टी इंडिया, रोज वैली रियल एस्टेट और पर्ल एग्रोटेक कॉर्पोरेशन (पीएसीएल) के मामले ऐसे हैं जिनके बकाये का मामला विभिन्न न्यायालयों के समक्ष लंबित है।
 
एक प्रॉक्सी फर्म एसईएस के मैनेजिंग पार्टनर जेएन गुप्ता ने कहा, 'यह बहुत अहम और सूचना प्रदान करने वाली सूची है। इन आंकड़ों से आम लोग या निवेशक सौदे करते समय ऐसी इकाइयों या व्यक्तियों के साथ सौदे करने में सावधानी बरत सकेंगे। इससे बैंकों को भी मदद मिलेगी और वे कर्ज देने में सावधानी बरतेंगे। बहरहाल सेबी को कर विभाग से भी समन्वय स्थापित करने की जरूरत है, जिससे उनके स्थायी खाता संख्या (पैन) से जानकारी हासिल कर सकें और तेज वसूली के लिए उनके सभी डीमेट खाते जब्त कर सकें।' सेबी अधिनियम में संपत्तियों की जब्ती और यहां तक कि सेबी का बकाया न देने वाले की गिरफ्तारी का अधिकार दिया गया है।  हाल ही मेंं सेबी के  विशेष न्यायालय ने स्टॉक ब्रोकर केतन पारेख को 3 साल की जेल की सजा सुनाई थी। न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया था कि पारेख जुर्माने के रूप में 5,00,000 रुपये भुगतान करें, जिसका एक हिस्सा सेबी को भुगतान किया जाएगा। जुर्माने का भुगतान न करने के कारण विशेष सेबी न्यायालय में आपराधिक मुकदमे की प्रक्रिया शुरू की गई है। 
कीवर्ड sebi, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी),

  
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