इंडिया रेटिंग ने अनुमान बढ़ाया

ईशान बख्शी | नई दिल्ली Apr 04, 2018 09:51 PM IST

इंडिया रेटिंग्स ऐंंड रिसर्च ने भारत की आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान वित्त वर्ष 2018-19 के लिए बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है। पहले वृद्धि दर 7.1 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था। कृषि क्षेत्र और औद्योगिक वृद्धि में मजबूती के अनुमान को देखते हुए रेटिंग एजेंसी ने ऐसा किया है।  यह अनुमान पर्चेजिंग मैनेजर इंडेक्स तैयार करने वाले आईएचएस मार्केट के अनुमान से विपरीत है। मांग कमजोर रहने के  अनुमान के कारण आईएचएस ने हाल ही में वित्त वर्ष 19 के लिए वृद्धि दर का अनुमान पहले के 7.4 प्रतिशत से घटाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया था। इसके पहले अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने वित्त वर्ष 19 में भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। आर्थिक समीक्षा में इस साल आर्थिक वृद्धि दर 7 से 7.5 प्रतिशत के बीच रहने का अनुमान लगाया गया था। 
 
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) की ओर से जारी दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 18 में वृद्धि 6.6 प्रतिशत रही है, जो इसके पहले के वित्त वर्ष के 7.1 प्रतिशत की तुलना में कम है। केंद्रीय बजट 2018-19 में सामान्य जीडीपी 11.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसकी तुलना में इंडिया रेटिंग ने सामान्य जीडीपी 10.9 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। इंडिया रेटिंग ने बेहतर मॉनसून रहने की उम्मीद से कृषि के लिए अपना सकल मूल्यवर्धन अनुमान वित्त वर्ष 19 के लिए 3 प्रतिशत कर दिया है, जो पहले के 2.7 प्रतिशत की तुलना में ज्यादा है। 
 
निजी मौसम अनुमान एजेंसी स्काईमेट ने अनुमान लगाया है कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून दीर्घावधि औसत का 100 प्रतिशत यानी सामान्य रहेगा। जून से सितंबर के लिए दीर्घावधि औसत करीब 887 मिलीमीटर है। दूसरे अग्रिम अनुमाम के मुताबिक सीएसओ सीएओ ने वित्त वर्ष 18 के लिए कृषि वृद्धि 3 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है, जो वित्त वर्ष 17 की तुलना में कम है। 
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