रीड ऐंड टेलर के खिलाफ मामला शुरू

अद्वैत राव पलेपू | मुंबई Apr 06, 2018 09:48 PM IST

नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के मुंबई पीठ में रीड ऐंड टेलर इंडिया के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया की याचिका स्वीकार की गई है। कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोसेस शुरू हो गया है और समाधान योजना के लिए 180 दिन की समयसीमा तय हो गई है। एडलवाइस ऐसेट रीकंस्ट्रक्शन कंपनी (एआरसी) और फिनक्वेस्ट फाइनैंशियल सॉल्यूशंस ने इस संबंध में याचिका दाखिल की थी। रीड ऐंड टेलर ने 50 अरब रुपये से ज्यादा के कर्ज के भुगतान में डिफॉल्ट किया है। भास्कर मोहन और वी नल्लासेनापति के पीठ ने पिछले हफ्ते एडलवाइस एआरसी का मामला स्थगित कर दिया था। एक सूत्र ने कहा कि एडलवाइस की याचिका को संशोधित करना होगा क्योंकि प्रत्युत्तरदाता (रीड ऐंड टेलर इंडिया) का नाम गलत था या फिर इसमें बदलाव हुआ था। कंपनी ने हाल में अपना नाम बदलकर आरटीआईएल किया है। बिजनेस स्टैंडर्ड को यह पता नहींं चल पाया कि आखिर नाम कब बदला गया।

 
आरटीआईएल की मूल कंपनी एस कुमार्स नेशनवाइड को भी आईडीबीआई बैंंक ने एनसीएलटी में घसीटा है। पीठ ने फिनक्वेस्ट का आवेदन खारिज कर दिया क्योंंकि यह एडलवाइस एआरसी के बाद सूचीबद्ध था। अगर एडलवाइस की याचिका स्वीकार हुई तो फिनक्वेस्ट निष्फल हो जाएगी। फिनक्वेस्ट के प्रस्ताव के आधार पर ईवाई इंडिया के एक अधिकारी को इस मामले के लिए इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल नियुक्त किया गया है। अगले 180 दिन में आरटीआईएल के परिचालन लेनदारों और वित्तीय लेनदारों को कंपनी के खिलाफ अपना दावा दस्तावेजी सबूत के साथ इन्सॉल्वेंसी रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल को भेजना होगा, जो इसे लेनदारोंं की समिति को भेजेंगे। 
कीवर्ड NCLT, नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी),

  
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