क्रिप्टोकरेंसी पर एसआईटी सख्त

एजेंसियां | नई दिल्ली Apr 08, 2018 09:25 PM IST

काले धन की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच एजेंसियों से देश में आभासी मुद्राओं (क्रिप्टोकरेंसी) के इस्तेमाल को हतोत्साहित करने को कहा है। अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी ने हाल ही में दिल्ली में एक बैठक की थी जिसमें देश में आभासी मुद्राओं की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि एसआईटी ने बिटकॉइन जैसी आभासी मुद्राओं को अवैध करार दिया और आय कर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तथा मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) से उनका पता लगाने, उनका इस्तेमाल रोकने और इंटरनेट पर उनका लेनदेन रोकने को कहा गया है। एसआईटी ने कहा कि वह इस बारे में एक रिपोर्ट तैयार करेगा और उसे सरकार को सौंपा जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आभासी मुद्राओं को रोकने के लिए नियम बनाने का अधिकार सरकार के पास है और एसआईटी इस मुद्दे पर अपनी रिपोर्ट देगा।

बैठक में एनसीबी ने एसआईटी को बताया कि पिछले दो वर्षों में देश में मादक पदार्थों की तस्करी के 4 मामले सामने आए हैं जिनमें क्रिप्टोकरेंसी के जरिये लेनदेन हुआ है। इसी तरह आय कर विभाग ने पिछले साल बिटकॉइन लेनदेन के संबंध में देशभर में मारे गए छापों की जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा एक रिपोर्ट पर भी चर्चा हुई। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा था कि आभासी मुद्राएं वैध नहीं हैं और उनका इस्तेमाल बंद होना चाहिए। आरबीआई ने लोगों को आभासी मुद्राओं में निवेश करने से बचने की सलाह दी है। इस मुद्दे पर गठित एक सरकारी समिति ने इसी साल अपनी रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को सौंपी थी। 
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