जेएसडब्ल्यू स्टील-एयॉन का प्रस्ताव मंजूर

ईशिता आयान दत्त | कोलकाता Apr 10, 2018 09:54 PM IST

मोनेट इस्पात ऐंड एनर्जी के लिए जेएसडब्ल्यू-एयॉन की संयुक्त समाधान योजना को लेनदारों की समिति ने मंजूरी दे दी है। इस मामले के करीबी सूत्रों ने बताया कि जल्द ही आशय पत्र जारी किया जाएगा। जबकि समाधान आवेदन 270 दिनों की निर्धारित समय-सीमा 14 अप्रैल के भीतर जमा करा दिया जाएगा। मोनेट इस्पात ऐंड एनर्जी के लिए 27.50 अरब रुपये की अग्रिम पेशकश और लेनदारों के कुल करीब 107 अरब रुपये के दावों की पेशकश की गई है। हालांकि नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एलसीएलटी) के मुंबई पीठ के निर्देश के अनुसार करीब 8.09 अरब रुपये के नए दावे भी जमा कराए गए हैं। 

 
इस मामले के करीबी सूत्रों ने बताया कि नए दावे को भी समायोजित किया जाएगा। कुल बोली में 27.50 अरब रुपये के बैंक ऋण, 3.89 अरब रुपये की इक्विटी, 2.80 अरब रुपये के परिवर्तनीय तरजीही शेयर, 2.50 अरब रुपये की अर्ध-इक्विटी और 2 अरब रुपये के अतिरिक्त डेट या इक्विटी शामिल हैं। समाधान योजना लागू होने के बाद कंपनी में जेएसडब्ल्यू-एयॉन की एकीकृत हिस्सेदारी 75 फीसदी होगी जबकि लेनदारों की हिस्सेदारी 18.75 फीसदी और मौजूदा प्रवर्तक समूह की हिस्सेदारी 3.16 फीसदी होगी। फिलहाल कंपनी में प्रवर्तक समूह की हिस्सेदारी 25.27 फीसदी और वित्तीय संस्थानों की हिस्सेदारी 50.10 फीसदी है। जबकि शेष हिस्सेदारी आम शेयरधारकों के पास है। 
 
मोनेट इस्पात ऐंड एनर्जी ऐसी पहली कंपनी है जिसके लेनदारों ने रणनीतिक ऋण पुनर्गठन (एसडीआर) योजना के तहत ऋण को इक्विटी में बदल दिया था। उसके बाद वह ऋण शोधन एवं दिवालिया संहिता (आईबीसी) के तहत ऋण समाधान के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा तैयार कंपनियों की पहली सूची में भी शामिल हो गई। बारह कंपनियों की उस सूची में से अब तक केवल भूषण स्टील और इलेक्ट्रोस्टील स्टील्स के लिए समाधान योजना मंजूरी के लिए एलसीएलटी के पास भेजी गई है। सुमित बिनानी मोनेट के लिए रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल हैं।
 
मोनेट इस्पात ऐंड एनर्जी के अधिग्रहण से जेएसडब्ल्यू स्टील की मौजूदा 18 एमटी (मिलियन टन) क्षमता में 1.5 एमटी का इजाफा होगा। जेएसडब्ल्यू ने भूषण स्टील और भूषण पावर ऐंड स्टील के लिए बोली लगाई थी लेकिन उन दोनों कंपनियों के लिए टाटा मोटर्स सबसे बड़ी बोलीदाता के तौर पर उभरी। जेएसडब्ल्यू अब एस्सार स्टील के लिए दूसरे दौर की बोली प्रक्रिया में न्यूमेटल के साथ निवेशक के तौर पर साझेदारी कर रही है। मोनेट इस्पात ऐंड एनर्जी के साथ जेएसडब्ल्यू की पहुंच पूर्वी बाजार तक सुनिश्चित होगी। मोनेट इस्पात ऐंड एनर्जी के पास रायगढ़ में एक एकीकृत इस्पात संयंत्र है जहां हॉट-रोल्ड प्लेट्ïस, रीबार्स और स्ट्रक्चर प्रोफाइल्स का उत्पादन होता है। उसके पास छत्तीसगढ़ में 230 मेगावॉट का एक कैप्टिव बिजली संयंत्र भी है। 
 
मोनेट इस्पात ऐंड एनर्जी मोनेट समूह की प्रमुख कंपनी है और उसके पास 0.8 एमटी क्षमता का स्पॉन्ज आयरन संयंत्र, 2 एमटी क्षमता का पैलेट संयंत्र और 0.96 एमटी क्षमता का सिंटर संयंत्र मौजूद है। कंपनी के पास छत्तीसगढ़ और ओडिशा में 7.5 एमटी क्षमता के कोयला को उत्कृष्टï बनाने वाले संयंत्र भी हैं।
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