ताज गेटवे होटल एनसीएलटी में

अजय मोदी और नम्रता आचार्य | नई दिल्ली/कोलकाता Apr 11, 2018 09:35 PM IST

कर्ज चुकाने में नाकाम होने पर द गेटवे एनसीएलटी पहुंच गई। 197 कमरे वाले कोलकाता के इस होटल का प्रबंधन चार साल से ताज समूह कर रहा है। एडलवाइस एआरसी अपना बकाया वसूल करने के लिए इसकी मालिक जालान इंटरकॉन्टिनेंटल होटल्स को एनसीएलटी ले गई है। एनसीएलटी में इस परिसंपत्ति के लिए एक दौर की बोली हो चुकी है, लेकिन समझा जाता है कि समापन कीमत से कम बोली मिली है। यह दिसंबर 2013 में शुरू हुआ था और 24 साल के बाद कोलकाता में यह पहला गेटवे होटल था जबकि पश्चिम बंगाल मेंं ताज का दूसरा होटल। इसकी पहली संपत्ति ताज बंगाल 1989 में शुरू हुई थी। कोलकाता गेटवे होटल 1.9 एकड़ में बना हुआ है और इसके पास 99 सालों का पट्टा है। इस होटल के कमरे का किराया 7,000-8,000 रुपये प्रति रात्रि है। ताज ग्रुप ऑफ होटल्स के तहत गेटवे पूर्ण सेवा वाला बेहतर हॉस्पिटैलिटी ब्रांड है।

 
गेटवे होटल का मालिकाना हक कोलकाता के उद्यमी आदित्य जालान के पास है। एडलवाइस अगस्त 2017 में जालान इंटरकॉन्टिनेंटल को एनसीएलटी ले गई और इसका कुल दावा करीब 1.2 अरब रुपये का है। जालान ने कहा है कि होटल ने बढ़ती लागत का सामना किया, जिसकी वजह से बकाया का भुगतान नहीं कर पाया। इस परिसंपत्ति की लेनदारों की समिति को इसके लिए दो बोली मिली है। लेनदारों की समिति के सूत्र ने कहा, अभी तक मिली बोली कंपनी की समापन कीमत से कम है। हमने बोली लगाने वालों को बोली संशोधित करने को कहा है। नए सिरे से बोली मंगाने की कोई दरकार नहीं है। 
 
कोलकाता की रियल एस्टेट डेवलपर आरडीबी समूह व कारोबारी प्रदीप संथालिया की अगुआई वाली अन्य रियल एस्टेट फर्म शायद इसके दो बोलीदाता हैं। इस बीच, जालान इस परिसंपत्ति के लिए बोली की खातिर एक निवेशक को शामिल करने पर विचार कर रहे हैं। वह दिवालिया संहिता में संशोधन पर दांव लगा रहे हैं जो एसएमई प्रवर्तकोंं को इस कंपनी के लिए बोली लगाने की अनुमति दे सकता है। साथ ही उनकी नजर बिनानी मामले में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर है ताकि परिसंपत्ति के लिए बोली लगाई जा सके। जालान का अनुमान है कि इस परिसंपत्ति की उचित कीमत 1.7 अरब रुपये है।
 
जालान ने कहा, हम एक निवेशक को ला रहे हैं और हम हर लेनदार का मूलधन वापस करने के लिए तैयार हैं। हम आठ सालों में भुगतान की योजना बना रहे हैं। एडलवाइस के अलावा अन्य लेनदार है धनलक्ष्मी बैंक। सराफ होटल एंटरप्राइजेज के संयुक्त प्रबंध निदेशक उमेश सराफ ने कहा कि उनकी कंपनी (जिनके पास नौ होटल हैं और हयात ब्रांड के तहत ज्यादातर का परिचालन होता है) ने कोलकाता गेटवे होटल के लिए बोली लगाई थी। कई होटल दबाव में हैं। इनका निर्माण शायद उन लोगों ने किया जो कारोबार को नहीं समझते। ये एआरसी व बैंंको के पास हैं। किसी एआरसी को फोन करें तो आपको पता चलेगा कि 20 होटल बिक्री के लिए है। ये सभी एनसीएलटी जा रहे हैं। हमने कुछ के लिए बोली लगाई है। हम कोई स्मारक नहीं खरीद रहे हैं। सराफ ने हालांकि कहा कि मूल्यांकन काफी ज्यादा है।
 
ज्यादातर कमरे खाली होने व टैरिफ के चलते पिछले कुछ सालों में होटलों ने चुनौतीपूर्ण समय देखा है। रेडिसन होटल समूह के सीईओ (दक्षिण एशिया) राज राणा ने कहा, ये उदाहरण हाल के वर्षों में उद्योग के नरम प्रदर्शन का नतीजा है। गेटवे होटल कोलकाता के प्रवक्ता ने कहा, हमारे पास प्रबंधन का अनुबंध है और यह वैध है। होटल में हम मेहमानों का स्वागत जारी रखे हुए हैं और कारोबार पहले की तरह है।
कीवर्ड taj hotel, NCLT, नैशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी),

  
X

शेयर बॉक्स

पर्मलिंक